राहुल गांधी दिल्ली की झुग्गी बस्ती पहुंचे:SDM से पूछा- पूरी बस्ती के वोटर गायब कैसे, सिर्फ एक बचा; दिल्ली SIR में 33 लाख नाम कटे
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राहुल गांधी सोमवार को दिल्ली में यमुना किनारे बसी बेला एस्टेट की झुग्गी बस्ती में पहुंचे। राहुल ने X पर इसका वीडियो शेयर किया, जिसमें बताया कि यहां 728 लोग रहते हैं। SIR के बाद वोटर लिस्ट में सिर्फ एक नाम बचा, बाकी 727 नाम काट दिए गए। राहुल ने बताया कि ये लोग दशकों से यहां रह रहे हैं।
2024 के लोकसभा, 2025 के दिल्ली चुनाव में वोट डाल चुके हैं। 2023 में इनके घर तोड़ दिए गए थे, पर ये कहीं नहीं गए, यहीं हैं। राहुल ने इन लोगों के बीच बैठकर ही SDM को फोन लगाया। उन्होंने पूछा कि मकान होने या न होने का वोट के अधिकार से कोई कनेक्शन नहीं है। राहुल ने दावा किया कि खुद CEC ज्ञानेश कुमार कह चुके हैं कि "हाउस नंबर 0" बेघरों के लिए है।
फिर भी 727 लोगों का नाम क्यों काट दिया गया। दिल्ली SIR के बाद 33 लाख से ज्यादा नाम कटे 97 लाख से ज्यादा वोटरों वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया चल रही थी, इसी दौरान यह समय-सीमा बढ़ाई गई। 33 लाख से ज्यादा वोटरों को उनके एन्यूमरेशन फॉर्म में गड़बड़ियों के कारण नोटिस भेजे गए हैं।
इनमें से कई मामलों में डेटा का मिलान 2002 में हुए पिछले SIR के दौरान तैयार वोटर लिस्ट से नहीं हो पाया। दिल्ली की फाइनल वोटर लिस्ट 4 दिसंबर को आएगी दिल्ली चुनाव आयोग ने सोमवार को कहा कि बूथ-लेवल ऑफिसर्स उन वोटर्स के घर जाकर डॉक्यूमेंट्स इकट्ठा करेंगे, जिन्हें वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
यह कार्रवाई वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत की जा रही है। चुनाव आयोग ने 25 सितंबर को दिल्ली में चल रहे SIR के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय-सीमा एक महीने बढ़ाकर 30 अक्टूबर कर दी थी, और अब फाइनल वोटर लिस्ट 4 दिसंबर को जारी की जाएगी। SIR में नाम नहीं आया तो आवेदन कर सकेंगे चुनाव आयोग ने 26 सितंबर की मीटिंग के बाद कहा है कि SIR में जिन लोगों के नाम छूट गए हैं, वे लगातार वोटर लिस्ट अपडेट करने की प्रक्रिया के तहत संबंधित ERO के पास नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इसमें युवा और पहली बार वोट देने वाले लोग भी शामिल हैं। आयोग ने CEO, DEO और ERO को ऐसे लोगों के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। SIR के दौरान अब तक 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 13.37 करोड़ ना
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
राहुल गांधी दिल्ली की झुग्गी बस्ती बेला एस्टेट में पहुंचे और बताया कि 728 लोग यहाँ रहते हैं, पर SIR के बाद केवल एक नाम वोटर लिस्ट में बचा। यह घटना दिखाती है कि सरकारी प्रक्रियाओं में अनियमितताएँ और भेदभाव हो रहा है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सामाजिक न्याय और चुनावी अधिकारों के सवाल उठाती है, तथा यह दर्शाती है कि वंचित समुदायों को राजनीतिक रूप से कैसे हाशिये पर धकेला जा रहा है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि लोगों का विश्वास सरकारी संस्थानों पर घटेगा और चुनावी भागीदारी में कमी आ