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राहुल के कार्यक्रम के बाद छात्रों के पास फीडबैक फॉर्म:किसी ने नौकरी, किसी ने पेपर लीक तो किसी ने पढ़ाई का खर्च बताया सबसे बड़ी चिंता

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 21 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
राहुल के कार्यक्रम के बाद छात्रों के पास फीडबैक फॉर्म:किसी ने नौकरी, किसी ने पेपर लीक तो किसी ने पढ़ाई का खर्च बताया सबसे बड़ी चिंता

इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में मंच से उठे सवालों और विद्यार्थियों की परेशानियों के बाद अब उनकी राय फीडबैक फॉर्म में दर्ज की गई। कार्यक्रम खत्म होने के बाद छात्रों से भरवाए गए फॉर्म में उनके सामने सीधे चार सवाल रखे गए-आप क्या पढ़ रहे हैं?

आपके भविष्य की सबसे बड़ी चिंता क्या है? क्या देश आपके सपनों के लिए तैयार है? और आज का युवा क्या चाहता है, लेकिन उसे मिल नहीं रहा?

छात्रों के जवाबों में रोजगार, भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक, शिक्षा, नर्सिंग, छात्रवृत्ति और हॉस्टल जैसी चिंताएं सामने आईं। समय पर नौकरी व रोजगार के अवसर मिलें: कविता नर्सिंग छात्रा कविता भार्गव ने अपनी सबसे बड़ी चिंता पढ़ाई समय पर पूरी होने और उसके बाद नौकरी मिलने को बताया। उन्होंने लिखा कि अवसर हैं, लेकिन सरकारी और निजी क्षेत्र में नौकरी के लिए प्रतियोगिता बहुत ज्यादा है।

युवा क्या चाहता है, लेकिन उसे नहीं मिल रहा, इस सवाल के जवाब में उन्होंने समय पर नौकरी और बेहतर रोजगार के अवसर की जरूरत बताई। तैयारी के दौरान भर्ती और परीक्षा की प्रक्रिया चिंता सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे उज्ज्वल चंद्रवंशी ने भविष्य की सबसे बड़ी चिंता भर्ती परीक्षाओं में देरी और पेपर लीक का डर बताया।

उन्होंने लिखा कि एक परीक्षा की तैयारी में कई साल लग जाते हैं, इसलिए परीक्षा समय पर हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे। देश उनके सपनों के लिए तैयार है या नहीं, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि तैयारी करने वालों के लिए अवसर होने चाहिए, लेकिन परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया समय पर पूरी होना जरूरी है।

डिग्री के साथ स्किल और रोजगार का अवसर भी 20 वर्षीय कॉलेज छात्र आयुष ने भविष्य की चिंता के तौर पर डिग्री के बाद नौकरी मिलने को सबसे अहम बताया। उनका कहना था कि कॉलेज में पढ़ाई के साथ ऐसा प्रशिक्षण भी मिलना चाहिए, जिससे विद्यार्थी नौकरी के लिए तैयार हो सकें। उन्होंने युवा की जरूरत के तौर पर अच्छी शिक्षा के साथ रोजगार के लिए सही मार्गदर्शन और अवसर को प्रमुखता दी।

नंदिनी के लिए पढ़ाई का खर्च बड़ी चुनौती प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहीं नंदिनी हरिश ने पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी के बढ़ते खर्च को अपनी सबसे बड़ी चिंता बताया। उनका कहना था कि कोचिंग, किताबें, रहने और आने-जाने का खर्च कई विद्यार्थियों के लिए चुनौती बन जाता है। उन्होंने लिखा कि हर विद्यार्थी महंगी कोचिंग नहीं कर सकता, इसलिए गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी से जुड़ी सुविधाएं ज्यादा सुलभ होनी चाहिए।

चार सवाल, लेकिन जवाबों में युवाओं की कई चिंताएं फीडबैक फॉर्म में सवाल भले चार थे, लेकिन विद्यार्थियों के जवाबों में भविष्य से जुड़े कई मुद्दे सामने आए। किसी के लिए नौकरी सबसे बड़ी चिंता थी तो किसी के लिए भर्ती परीक्षा और पेपर लीक। किसी ने पढ़ाई समय पर पूरी होने की बात कही तो किसी ने शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के बढ़ते खर्च को चुनौती बताया।

वहीं कुछ छात्रों ने डिग्री के साथ स्किल, मार्गदर्शन, छात्रवृत्ति और हॉस्टल जैसी सुविधाओं की जरूरत भी बताई। मंच से उठी आवाज अब फॉर्म में दर्ज कार्यक्रम के दौरान छात्रों की ओर से शिक्षा, रोजगार, भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल उठे थे। कार्यक्रम के बाद फीडबैक फॉर्म के जरिए इन्हीं विषयों पर विद्यार्थियों की व्यक्तिगत राय दर्ज करने की कोशिश की गई।

चार सवालों के जवाबों में छात्रों ने अपने भविष्य को लेकर चिंता के साथ यह भी बताया कि वे शिक्षा पूरी करने के बाद रोजगार और बेहतर अवसरों तक पहुंचने के लिए किन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ये खबर भी पढ़ें...

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📡 स्रोत: NewsData.io

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