अपराध

राहुल से सवाल- ज्ञानेश कुमार ने कभी आपसे बात की:मुस्कुराते हुए कहा, उनके मैसेज आते हैं; वे अपराधी नहीं, बस उनसे यह करवाया जा रहा है

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 13 अक्टूबर 2026 👁️ 6 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
राहुल से सवाल- ज्ञानेश कुमार ने कभी आपसे बात की:मुस्कुराते हुए कहा, उनके मैसेज आते हैं; वे अपराधी नहीं, बस उनसे यह करवाया जा रहा है

राहुल गांधी ने सोमवार को दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उनसे बात करने की कई बार कोशिश की है। उन्होंने ये बातें दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं। दरअसल राहुल ने सुप्रीम कोर्ट मार्च निकालने से पहले 30 मिनट प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। एक पत्रकार ने उनसे सवाल किया कि पिछले डेढ़ सालों से आप चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।

लोग चुनाव आयोग की बात करते हैं, आप सीधा ज्ञानेश कुमार को लेकर आरोप लगाते हैं। क्या कभी उन्होंने आप से बात करने की कोशिश की। इस पर राहुल मुस्कुराते हुए कहते हैं कि हां उनके मैसेज आते हैं। ज्ञानेश कुमार यह प्रेस कॉन्फ्रेंस देख रहे हैं। ज्ञानेश कुमार को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा, तुमने अपराध किया है, लेकिन तुम मुख्य अपराधी नहीं हो।

तुमसे गलती हुई है, लेकिन इस गलती के पीछे तुम्हारा दिमाग नहीं है। हम उन लोगों के पीछे हैं, जिन्होंने तुमसे यह करवाया है। तुम्हारे लिए सबसे आसान रास्ता है कि इस्तीफा दो और रास्ते से हट जाओ। हमें पता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और अजित डोभाल ने तुम पर दबाव बनाया है। राहुल ने कहा- मार्च में सब आ सकते हैं, संविधान की रक्षा कीजिए राहुल ने कहा, ‘आज के मार्च में सभी लोग आ सकते हैं।

संविधान की रक्षा कीजिए। नरेंद्र मोदी का पूरा ब्लूप्रिंट हमारे पास है। ये संविधान को बचाने की लड़ाई है। इसमें राहुल गांधी, नरेंद्र मोदी नहीं है।’ उन्होंने कहा, ये हिंदुस्तान की जनता की इन्पॉर्टेंस हैं। देश के हर युवा से कह रहा हूं कि ये आपके फ्यूचर, आपकी इज्जत की लड़ाई है। अगर आप नहीं आ सकते तो 3 बजे जब सुप्रीम कोर्ट के सामने होंगे, तब हमें सॉलिडेरिटी दिखाइए।

जिस भी तरीके से ये कर सकते हैं, अपना एक्सप्रेशन करिए। बताइए कि जो हो रहा है, हम उसके खिलाफ हैं। हम ये नहीं होने देंगे।' राहुल बोले- ये मत सोचिए कि 5 दिन पहले शुरू हुआ राहुल ने कहा आप सोच रहे हो कि हमारे लिए मुश्किल है। पुलिस हमें मार रही है। जितना आप थक रहे हो, उतना पुलिस थक रही है। पुलिस कह रही है कि हम ज्ञानेश कुमार को क्यों बचा रहे हैं।

पेशेंस और पर्सीवरेंस, लगे रहना है। हम करेंगे, वे रोकेंगे, हमें लगे रहना है। जितने दिन लगेंगे, एक महीने, दो महीने, साल...हम पीछे नहीं हटेंगे। राहुल ने कहा, ‘ये पुलिस वाले डिस्टर्ब हैं। ये कह रहे हैं कि हमसे युवाओं को क्यों प

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

राहुल गांधी ने दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उनसे कई बार बात करने की कोशिश की है। यह विषय चुनावी प्रक्रिया और आयोग की पारदर्शिता पर केंद्रित है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राजनीतिक संवाद के भीतर संभावित दबाव या हस्तक्षेप के सवाल उठाती है, जो चुनावी स्वतंत्रता के लिए खतरा हो सकता है। यदि आयोग के अधिकारियों द्वारा किसी नेता पर अनावश्यक दबाव डाला जाता है, तो आम जनता को निष्पक्ष चुनावों पर विश्वास घट सकता है, जिससे लोकतंत्र की स्थिरता पर असर पड़ेगा।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

राहुल गांधी के कथन से यह स्पष्ट होता है कि संवाद और पारदर्शिता से किसी भी विवाद का समाधान संभव है। जब भी किसी व्यक्ति को किसी संस्था या व्यक्ति से संवाद की आवश्यकता हो, तो उसे शांतिपूर्ण और कानूनी मार्ग अपनाना चाहिए। इस घटना से हमें यह सीख मिलती है कि किसी भी संघर्ष में सहानुभूति और समझदारी से आगे बढ़ना समाज को एकजुट रखता है और शांति की दिशा में कदम बढ़ाता है।

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