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Raipur Crypto Trading Fraud: रायपुर में टीचर से 1.54 करोड़ की ठगी, स्टूडेंट ने क्रिप्टो में निवेश का झांसा देकर शुरू में प्रॉफिट दिलाया, आरोपी परिवार समेत फरार

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 22 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
Raipur Crypto Trading Fraud: रायपुर में टीचर से 1.54 करोड़ की ठगी, स्टूडेंट ने क्रिप्टो में निवेश का झांसा देकर शुरू में प्रॉफिट दिलाया, आरोपी परिवार समेत फरार

Raipur Crypto Trading Fraud Case : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एक टीचर से ठगी का मामला सामने आया है। शहर के आजाद चौक थाना क्षेत्र में क्रिप्टोकरेंसी और USDT ट्रेडिंग में तय मुनाफा दिलाने का झांसा देकर एक कॉमर्स शिक्षक से 1 करोड़ 54 लाख 90 हजार रुपये की ठगी कर ली गई।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने शुरुआत में कुछ समय तक मुनाफा देकर उनका भरोसा जीता और बाद में अलग-अलग एकाउंट में रकम जमा कराई। स्टूडेंट से हुई थी पहचान शिकायतकर्ता पुष्कर जैन के मुताबिक, वर्ष 2020-21 में कोचिंग के दौरान उनकी पहचान छात्र नेहल अग्रवाल से हुई थी।

बाद में नेहल ने उन्हें ललित अग्रवाल उर्फ लक्की, विवेक अग्रवाल और अन्य परिजनों से मिलवाया। आरोपियों ने खुद को क्रिप्टोकरेंसी और USDT ट्रेडिंग से जुड़ा बताते हुए हर महीने 25 से 30 प्रतिशत तक मुनाफे का दावा किया। शिक्षक को निवेश पर 8 से 10 प्रतिशत तक तय रिटर्न देने का भरोसा दिलाया गया।

आजाद चौक पुलिस ने केस दर्ज कर, जांच शुरू कर दी है। टीचर ने कर्ज लेकर भी किया निवेश शिकायत के अनुसार, 22 अगस्त 2024 से शिक्षक ने अलग-अलग तारीखों में आरोपियों के बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करना शुरू किया। उन्होंने अपनी जमा पूंजी के अलावा बैंक और अन्य स्रोतों से कर्ज लेकर भी पैसे लगाए।

शुरुआत में कुछ मुनाफा मिलने के बाद उनका भरोसा और बढ़ गया। जब उन्होंने मूल रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने कथित तौर पर मुंबई से पैसा आने, ट्रेडिंग आईडी ब्लॉक होने और रकम फंसने जैसे अलग-अलग कारण बताए। दोबारा 9.90 लाख निवेश का आरोप जनवरी 2025 में शिक्षक आरोपियों के मोवा स्थित घर पहुंचे और पैसे वापस मांगे।

शिकायत के मुताबिक, वहां उन्हें दो महीने में पूरी रकम लौटाने का भरोसा दिया गया। इसके बाद नमित अग्रवाल उर्फ विक्की ने व्यक्तिगत गारंटी देकर दोबारा निवेश करने के लिए कहा। आरोप है कि 3 फरवरी 2026 को शिक्षक ने सीमा देवी अग्रवाल के खाते में 9.90 लाख रुपये और जमा किए।

इसके दो दिन बाद, 5 फरवरी से सभी आरोपियों के मोबाइल फोन बंद हो गए और वे अपना रायपुर स्थित मकान छोड़कर फरार हो गए। टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ने का भी आरोप शिकायतकर्ता टीचर का कहना है कि उन्हें टेलीग्राम के 'पंप एंड डंप' ग्रुप में भी जोड़ा गया था।

उन्होंने नेहल, ललित, विवेक और सीमा देवी समेत अन्य लोगों के खातों में कुल 1 करोड़ 54 लाख 90 हजार रुपये ट्रांसफर करने की बात कही है। पुलिस जांच में जुटी पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस आरोपियों की भूमिका, बैंक खातों में हुए लेन-देन और कथित क्रिप्टो ट्रेडिंग से जुड़े फैक्ट्स की पड़ताल कर रही है। ये खबर भी पढ़ें: MP Samvida Employees: मध्यप्रदेश में 2.50 लाख कर्मचारियों को मिलेगा ग्रेच्युटी-अनुकंपा नियुक्ति का लाभ, संगठन बोले- 3 साल हो गए, कब तक इंतजार ?

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📡 स्रोत: NewsData.io

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