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राजगीर में इको-हेरिटेज नेचर वॉक:पक्षियों और वनस्पतियों की पहचान का मिला प्रशिक्षण, इंद्रसाला गुफा तक पहुंची टीम

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 8 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
राजगीर में इको-हेरिटेज नेचर वॉक:पक्षियों और वनस्पतियों की पहचान का मिला प्रशिक्षण, इंद्रसाला गुफा तक पहुंची टीम

इंद्रसाला गुफा तक नेचर वॉक, पक्षियों और औषधीय वनस्पतियों से रूबरू हुए प्रतिभागी राजगीर में प्रकृति और विरासत का संगम, इंद्रसाला गुफा तक हुआ इको-हेरिटेज वॉक नेचर वॉक में सीखा जैव विविधता का दस्तावेजीकरण, eBird और iNaturalist का कराया अभ्यास मासिक नेचर वॉक कार्यक्रम के तहत रविवार को राजगीर स्थित ऐतिहासिक इंद्रसाला गुफा तक विशेष ‘इको-हेरिटेज नेचर वॉक’ का आयोजन किया गया।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को क्षेत्र की प्राकृतिक, जैविक, ऐतिहासिक व धार्मिक विरासत से रूबरू कराने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। वॉक के दौरान प्रतिभागियों ने इंद्रसाला गुफा मार्ग में मिलने वाले विभिन्न पक्षियों, पेड़-पौधों, औषधीय वनस्पतियों और जैव विविधता का बारीकी से अध्ययन किया।

टीम के सदस्यों शिवनाथ कुमार, अंकित आर्यन, प्रदीप कुमार और अनुराग कुमार ने प्रतिभागियों को सिटिजन साइंस की अवधारणा से परिचित कराया। उन्होंने eBird, Merlin और iNaturalist जैसे डिजिटल टूल्स के जरिए पक्षियों और कीट-पतंगों के वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण की तकनीकी जानकारी दी। प्रतिभागियों ने फील्ड में स्वयं iNaturalist ऐप पर प्रजातियों को रिकॉर्ड करने का व्यावहारिक अभ्यास भी किया।

भगवान बुद्ध और देवराज इंद्र के संवाद की साक्षी है गुफा गुफा परिसर पहुंचकर दिवाकर कुमार ने इसके ऐतिहासिक और बौद्ध महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बौद्ध साहित्य में वर्णित भगवान बुद्ध और देवराज इंद्र (सक्का) के बीच हुए प्रसिद्ध दार्शनिक संवाद की चर्चा की, जिसमें जीवन, दुःख और मोह के निवारण पर विस्तार से बात हुई थी।

उन्होंने बताया कि इंद्रसाला गुफा प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ आध्यात्मिक चेतना का जीवंत केंद्र है। पंचाने नदी और गिरियक क्षेत्र के संरक्षण पर बल संवाद सत्र के दौरान गिरियक पहाड़ के सामने स्थित पंचाने नदी क्षेत्र के पारिस्थितिकीय महत्व पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने बताया कि यह जलीय क्षेत्र स्थानीय और प्रवासी पक्षियों का महत्वपूर्ण बसेरा है।

विशेषज्ञों ने पहाड़ियों, नदियों और जंगलों के पारिस्थितिक संतुलन को बचाए रखने और प्राकृतिक आवासों के समक्ष उत्पन्न खतरों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।

📡 स्रोत: NewsData.io

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