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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संजौली व करियाली के छात्र-छात्राओं ने विधानसभा अध्यक्ष से की मुलाकात, पूछे कई सवाल

लेखक: AIR Shimla अंतिम अपडेट: 25 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संजौली व करियाली के छात्र-छात्राओं ने विधानसभा अध्यक्ष से की मुलाकात, पूछे कई सवाल

अगस्त 25, शिमला (हिमाचल प्रदेश): आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संजौली तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला करियाली, जिला शिमला के छात्र-छात्राओं ने विधानसभा सचिवालय में हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से शिष्टाचार भेंट की तथा उनसे संसदीय प्रणाली, विधान सभा तथा स्पीकर के चुनाव सम्बन्धित कई प्रश्न पूछे जिसका विधान सभा अध्यक्ष ने सिलसिलेवार जवाब दिया।

विधानसभा अध्यक्ष ने स्वयं भी छात्रों से लोकतान्त्रिक प्रणाली, संविधान तथा हि.प्र. विधानसभा के इतिहास सम्बन्धी प्रश्न पूछे जिनका छात्रों ने जवाब देने का प्रयास किया।

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा संसदीय प्रणाली पर पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि हमारी संसदीय प्रणाली संघीय ढाँचे पर आधारित है जिसमें संघ तथा राज्य शामिल हैं।

विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि हमारे देश में बहुदलीय प्रणाली प्रचलित है जहाँ पार्टियाँ अपने अपने प्रत्याशियों को चुनाव में उतारती है तथा जनता मतदान के जरिए उनका चुनाव करती है।

विधानसभा सदस्य सदन में आयोजित सत्रों के दौरान अपने अपने क्षेत्र से सम्बन्धित समस्याओं को प्रश्नों तथा विभिन्न नियमों के तहत उठाते हैं जिसका सरकार जवाब देती है उसमें कई सदस्य सरकार के जवाब से संतुष्ट होते हैं कई असंतुष्ट भी रहते हैं। पठानिया ने कहा कि हि.प्र. में विधान सभा सदस्यों की 68 सीटों का प्रावधान है।

पठानिया ने बच्चों से रूबरू होते हुए कहा कि जिस दल की सीटों की संख्या 35 या इससे अधिक होती है वह सरकार का गठन करते है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले मंत्रीमण्डल का गठन किया जाता है जिसमें मुख्यमंत्री तथा मंत्री शामिल होते हैं तथा मुख्यमंत्री सरकार का मुखिया होता है।

उन्होंने कहा कि राज्यपाल महोदय मंत्रीपरिषद की सलाह पर कार्य करते हैं। स्पीकर विधान सभा के चुनाव पर विधान सभा अध्यक्ष ने बच्चों को अवगत करवाते हुए कहा कि विधानसभा में स्पीकर का चुनाव विधानसभा सदस्यों द्वारा किया जाता है। यह प्रक्रिया काफी दिलचस्प है।

सबसे पहले, सदन का सबसे वरिष्ठ सदस्य, प्रोटेम स्पीकर, चुनाव प्रक्रिया की शुरूआत करता है। फिर. स्पीकर पद के लिए उम्मीदवारों का नामांकन होता है। अगर सिर्फ एक ही उम्मीदवार है तो उन्हें निर्विरोध स्पीकर चुन लिया जाता है।

लेकिन अगर एक से ज्यादा उम्मीदवार है तो गुप्त मतदान होता है और सबसे ज्यादा वोट पाने वाला उम्मीदवार स्पीकर बन जाता है। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी छात्र-छात्राओं को आज सदन के अन्दर होने वाली कार्यवाही देखने के लिए आमन्त्रित भी किया।

उन्होने सभी बच्चों को अपनी ओर से शुभकामनाएँ दी तथा राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किया। कैप्शन: विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से शिष्टाचार भेंट के दौरान छात्र-छात्राएं

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