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राजस्थान: आरआरटीएस परियोजना क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने के साथ औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को गति देने में निभाएगी महत्वपूर्ण भूमिका: मुख्य सचिव

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
राजस्थान: आरआरटीएस परियोजना क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने के साथ औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को गति देने में निभाएगी महत्वपूर्ण भूमिका: मुख्य सचिव

जयपुर, 2 सितम्बर। राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि नमो भारत रेल कॉरिडोर के तहत दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-अलवर क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम कॉरिडोर (आरआरटीएस) परियोजना क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने के साथ औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्य सचिव बुधवार को परियोजना के तहत बावल से बहरोड़ खंड की पूरक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को लेकर शासन सचिवालय में बैठक ले रहे थे। बैठक में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय से प्राप्त रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए राज्य सरकार की सैद्धांतिक स्वीकृति से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के बीच समन्वय के साथ परियोजना की पूरक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को अनुमोदन के लिए संबंधित विभागों को शीघ्र भिजवाने तथा सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त कर राज्य सरकार की सैद्धांतिक स्वीकृति मंत्रालय को जल्द भेजने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि सराय काले खां से बहरोड़ तक प्रस्तावित रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 129.05 किलोमीटर है, जिसमें राजस्थान में 25.16 किलोमीटर हिस्सा होगा। राजस्थान में शाहजहांपुर-नीमराणा-बहरोड़, शाहजहांपुर, नीमराणा एवं बहरोड़ सहित चार एलिवेटेड स्टेशन प्रस्तावित हैं।

बावल-बहरोड़ खंड की अनुमानित लागत 7,747 करोड़ रुपए हैं। इसमें 5,167.28 करोड़ रुपये मूल लागत, लगभग 640 करोड़ रुपये भूमि लागत तथा 1,861 करोड़ रुपये उद्यम निधि शामिल है। बैठक में परियोजना की वित्तपोषण व्यवस्था, व्यय की चरणबद्धता तथा राज्य सरकार के वित्तीय दायित्वों पर भी चर्चा की गई।

परियोजना के संसाधन जुटाने के लिए आवश्यकता के संबंध में जिला कलेक्टर, कोटपूतली-बहरोड़ एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, बीडा को भी निर्देश दिए गए। साथ ही राजस्थान-हरियाणा के मध्य बावल से राजस्थान सीमा तक की लागत दोनों राज्यों द्वारा वहन किए जाने तथा हरियाणा सरकार से प्राप्त समझौता ज्ञापन के निष्पादन पर भी चर्चा हुई।

बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल, राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त, वित्त (राजस्व) विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।