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राजस्थान: आयुष चिकित्सालयों में आवश्यक सुविधाओं का विकास सुनिश्चित किया जाए: प्रमुख शासन सचिव, 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर राज्य स्तरीय समारोह आयोजित

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026 👁️ 2 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
राजस्थान: आयुष चिकित्सालयों में आवश्यक सुविधाओं का विकास सुनिश्चित किया जाए: प्रमुख शासन सचिव, 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर राज्य स्तरीय समारोह आयोजित

जयपुर, 23 सितंबर। आयुर्वेद विभाग के प्रमुख शासन सचिव सुबीर कुमार ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर प्रदेश में आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। राज्य के आयुष चिकित्सालयों को आधुनिक बनाने के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने आयुर्वेदाचार्यों से उपलब्ध बजट राशि का अधिकतम उपयोग करते हुए आयुष चिकित्सालयों में आवश्यक सुविधाओं का विकास सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

प्रमुख शासन सचिव 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर बुधवार को जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में विभिन्न वक्ताओं एवं आयुर्वेद विशेषज्ञों ने आयुर्वेद की उपयोगिता, समग्र स्वास्थ्य तथा स्वस्थ जीवनशैली में इसकी भूमिका पर अपने विचार साझा किए।

इस वर्ष राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की थीम ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ रखी गई हैं। उन्होंने आयुष चिकित्सकों से अपने उपचार एवं उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का भी आह्वान किया जिससे आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के प्रति आमजन में जागरूकता और विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।

प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि सूर्य नमस्कार को स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल किया जा सकता है, जिससे विद्यार्थियों को बचपन से ही योग एवं प्राणायाम का अभ्यास हो सके। समारोह में पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रो. डॉ. दीप नारायण पाण्डेय ने कहा कि आयुर्वेद पर विश्वास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह चिकित्सा पद्धति देश में मधुमेह, हृदयाघात सहित विभिन्न गंभीर बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि महर्षि चरक ने मानवता की सेवा के लिए अनेक महत्वपूर्ण सूत्र दिए हैं। इन सूत्रों, आयुर्वेदिक संहिताओं एवं उपचार पद्धतियों पर व्यापक शोध किए जाने की आवश्यकता है।

राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के पूर्व प्रोफेसर कृष्ण खांडल ने कहा कि शरीर, इन्द्रियां, मन और आत्मा मानव जीवन के चार प्रमुख घटक हैं। इन्हें स्वस्थ एवं शुद्ध रखने की विधियां आयुर्वेद में बताई गई हैं। उन्होंने कहा कि कुछ स्वास्थ्य समस्याओं में औषधि के साथ-साथ उचित आहार की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए भोजन भी आयुर्वेद के सिद्धांतों के अनुरूप किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण विश्व ने भारतीय आयुष चिकित्सा पद्धतियों की उपयोगिता को पहचाना है और इनका लाभ लिया है।

समारोह में आयुर्वेद विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों, नर्सिंगकर्मियों, कम्पाउण्डरों सहित अन्य कार्मिकों को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने सम्मानित कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए आयुर्वेद चिकित्सा एवं जनसेवा के क्षेत्र में निरंतर बेहतर कार्य करने का आह्वान किया। इस दौरान बड़ी संख्या में आयुष चिकित्सक और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।