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राजस्थान: बदलती सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन और सैन्य बलों को एकीकृत सोच के साथ करना होगा कार्य : मुख्य सचिव, सिविल-मिलिट्री कोऑर्डिनेशन कमेटी की समीक्षा बैठक आयोजित

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
राजस्थान: बदलती सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन और सैन्य बलों को एकीकृत सोच के साथ करना होगा कार्य : मुख्य सचिव, सिविल-मिलिट्री कोऑर्डिनेशन कमेटी की समीक्षा बैठक आयोजित

जयपुर, 6 अक्टूबर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि राज्य की सुरक्षा तैयारियों, आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक मुस्तैदी को मजबूत बनाए रखने के लिए नागरिक प्रशासन और सशस्त्र बलों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि बदलती सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन और सैन्य बलों को एकीकृत सोच के साथ कार्य करना होगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राज्य तंत्र तेजी और सटीकता के साथ प्रतिक्रिया दे सके।

मुख्य सचिव मंगलवार को शासन सचिवालय में ‘राज्य युद्ध पुस्तक’ (स्टेट वार बुक) और ‘सिविल-मिलिट्री कोऑर्डिनेशन कमेटी’ की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आपसी संवाद, मानक संचालन प्रक्रिया और संयुक्त कार्ययोजनाओं को लगातार मजबूत करने के साथ राज्य युद्ध पुस्तक को भी समय-समय पर अद्यतन किया जाना आवश्यक है।

दक्षिण-पश्चिमी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल पदम सिंह शेखावत ने बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य और आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर सिविल प्रशासन और सशस्त्र बलों के बीच समन्वय को और अधिक संस्थागत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ‘यूनियन वॉर बुक’ की तर्ज पर ‘स्टेट वॉर बुक’ को पूरी तरह अद्यतन रखने और सभी संबंधित पक्षों के बीच नियमित संवाद एवं एसओपी के पालन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य युद्ध पुस्तक महज एक दस्तावेज नहीं, बल्कि युद्ध या आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का प्रभावी ब्लूप्रिंट है। उन्होंने इसमें प्रशासनिक मशीनरी के प्रत्येक स्तर पर कमान और नियंत्रण की स्पष्ट व्यवस्था दर्ज करने तथा सभी आवश्यक सूचनाएं अद्यतन रखने के निर्देश दिए।

बैठक में रक्षा भूमि से जुड़े लंबित मामलों पर भी चर्चा हुई। जयपुर, कोटा, श्रीगंगानगर और भरतपुर सहित विभिन्न जिलों में रक्षा भूमि के बार्टर, समयबद्ध म्यूटेशन तथा फॉरवर्ड कंपोजिट एविएशन बेस और अन्य रणनीतिक परियोजनाओं के लिए भूमि अवाप्ति से संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई कर प्रशासनिक बाधाएं दूर करने के निर्देश दिए गए।

बैठक के बाद सेना के अधिकारियों ने ‘प्रबल 3.0’ ड्रोन जैमर एवं काउंटर-ड्रोन प्रणाली की तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। मुख्य सचिव ने प्रदर्शन का अवलोकन किया और सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए होने वाली अवैध गतिविधियों एवं तस्करी की रोकथाम के लिए इस प्रणाली के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस कर्मियों को इस तकनीक का प्रशिक्षण देने के लिए विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल संचालित करने को भी कहा।

वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती गांवों के विकास और सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने के लिए स्थानीय वॉलंटियर्स एवं पूर्व सैनिकों की भूमिका तथा उनके डेटा बैंक के प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा हुई। वहीं, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और सेवारत कर्मियों के कल्याण के लिए रेक्सको के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, ग्रेच्युटी लाभों के क्रियान्वयन तथा राज्य सेवाओं में पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए निर्धारित आरक्षण एवं रोजगार प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से रूटीन कार्यशैली से हटकर प्रो-एक्टिव दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युद्ध पुस्तक में निर्धारित दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ किया जाए। बैठक में सेना सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

सुरक्षा केवल बल से नहीं, समन्वय से बनती है। जब प्रशासन और सेना एकजुट होते हैं, तो आपदाओं में समय पर मदद पहुँचती है, जिससे नागरिकों को राहत मिलती है। इसी तरह, व्यक्तिगत विवादों में भी संवाद और कानूनी रास्ते अपनाने से शांति बनी रहती है। हमें एकजुट होकर, सहानुभूति और सहयोग से समाज को मजबूत बनाना चाहिए, ताकि हर संकट का सामना हम मिलकर कर सकें।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।