राजस्थान: कोटा में ऐसा जनसेवा मॉडल तैयार होगा, जहां डिजिटल सेवाओं के माध्यम से हर जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों को घर के नज़दीक मिले: लोकसभाध्यक्ष

कोटा, 19 अगस्त। लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा शहर के समग्र विकास के लिए 7 हजार करोड़ रुपये की दूरगामी योजनाओं का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, ''उनका मुख्य संकल्प कोटा के सभी 100 वार्डों को 'स्मार्ट वार्ड' के रूप में विकसित करना है।
इसके साथ ही, एक ऐसा जनसेवा मॉडल तैयार किया जाएगा, जहाँ डिजिटल सेवाओं के माध्यम से हर जनकल्याणकारी योजना का लाभ आम नागरिकों को उनके घर के नज़दीक मिले और उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।''
लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला मंगलवार रात कोटा विकास प्राधिकरण, नगर निगम और सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित विभिन्न विभागों के 690 करोड़ रुपये की लागत वाले 430 से अधिक विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
इसमें 230 करोड़ रुपये के पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण और 460 करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल हैं। उन्होंने कहा, ''कोटा को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस करने के लिए हवाई, रेल और सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है।
अगले वर्ष एयरपोर्ट का निर्माण पूरा होने और वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन की सौगात मिलने से क्षेत्र में पर्यटन तथा औद्योगिक विकास के नए अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा, कोटा को एआई और डिजिटल शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए ट्रिपल आईआईटी (ट्रिपल आई टी) के माध्यम से एक अत्याधुनिक एक्सीलेंस सेंटर भी स्थापित किया जा रहा है।''
आगामी दो वर्षों में एयरपोर्ट के साथ-साथ चंबल गार्डन, भीतरिया कुंड, संविधान पार्क, एयरो सिटी, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और स्किल सेंटर जैसी करीब 1 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं कोटा को स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित पहचान देंगी।
स्वास्थ्य और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में भी मथुराधीश मंदिर कॉरिडोर, सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं और ट्रांसप्लांट सुविधाओं के ज़रिए बिरला के प्रयास कोटा को एक अग्रणी और आत्मनिर्भर शहर बनाने की ओर अग्रसर हैं।