राजस्थान निकाय चुनाव में भाजपा की बढ़त
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
सितंबर 14, नई दिल्ली: राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव के नतीजों की मतगणना में शुरुआती रुझानों में भाजपा बढ़त बनाए हुए है। कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह आठ बजे शुरू हुई मतगणना पर सभी की नजरें हैं।
राज्य के 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगर पालिकाओं समेत कुल 309 नगरीय निकायों के वार्ड पार्षदों के लिए मतगणना जारी है। शुरुआती रुझानों में अधिकांश निकायों के वार्डों में भाजपा उम्मीदवार आगे चल रहे हैं।
हालांकि कई जिलों में कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवार भाजपा को कड़ी टक्कर दे रहे हैं, जिससे मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है।
ताजा रुझानों के अनुसार, भाजपा 10 में से आठ नगर निगमों में बढ़त बनाए हुए है, जबकि एक-एक नगर निगम में कांग्रेस और अन्य उम्मीदवार आगे हैं।
जयपुर नगर निगम में मेयर पद की दौड़ में शामिल सुनील कोठारी 900 से अधिक मतों से चुनाव जीत गए हैं।
जोधपुर में भाजपा के मेघराज लोहिया ने कांग्रेस के शहर जिलाध्यक्ष को हराकर बड़ा चुनावी उलटफेर किया है।
नगर परिषदों की बात करें तो 47 में से 41 के परिणाम और रुझान सामने आ रहे हैं। इनमें भाजपा 30, कांग्रेस 10 और अन्य एक नगर परिषद में आगे हैं।
बाड़मेर नगर परिषद में भाजपा को 15 साल बाद बहुमत मिलने के संकेत हैं। पार्टी ने 55 में से 29 वार्डों में जीत दर्ज कर ली है।
चूरू नगर परिषद में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है। अब तक 60 में से 53 वार्डों के परिणाम घोषित हुए हैं। भाजपा ने 25, कांग्रेस ने 22 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने पांच वार्डों में जीत दर्ज की है।
जैसलमेर नगर परिषद में भाजपा ने 12 और कांग्रेस ने छह सीटों पर जीत दर्ज की है।
252 नगर पालिकाओं में से 249 के परिणाम और रुझान सामने आ रहे हैं। इनमें भाजपा 144, कांग्रेस 96 और अन्य नौ नगर पालिकाओं में आगे हैं।
दौसा जिले की महवा नगरपालिका के सभी 35 वार्डों के परिणाम घोषित हो चुके हैं। इनमें भाजपा ने 17, कांग्रेस ने चार और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 14 वार्डों में जीत दर्ज की है।
अब प्रदेशभर में मेयर, सभापति और नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए 21 सितंबर को मतदान होगा।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के दौरान भाजपा की बढ़त पर यह खबर है। यह विषय स्थानीय शासन और विकास नीतियों को प्रभावित करने वाले चुनावी परिणामों पर केंद्रित है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाती है कि भाजपा के उम्मीदवारों को नगरपालिकाओं में कितनी मजबूत आधारशिला मिल रही है, जो भविष्य के नीति-निर्माण और संसाधन आवंटन को प्रभावित कर सकती है। यदि भाजपा की जीत जारी रहती है तो राज्य में विकास परियोजनाओं का कार्यान्वयन तेज़ हो सकता है, परन्तु इससे विपक्षी दलों की आवाज़ और नीतिगत विकल्पों पर द