राजस्थान: प्रदेश की मजबूत और प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करें: मुख्य सचिव, छठे राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन की तैयारियों को लेकर ली बैठक
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जयपुर, 29 सितम्बर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि छठे राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन में राजस्थान की मजबूत और प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के अनुसार आवश्यक तैयारियां पूरी करने तथा प्रस्तावित विषयों से संबंधित जानकारी एवं प्रस्तुतियों को समय पर तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव आगामी दिसम्बर माह में प्रस्तावित छठे राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन की तैयारियों को लेकर मंगलवार को शासन सचिवालय में बैठक ले रहे थे। बैठक में सम्मेलन के लिए राज्य स्तर पर की जा रही तैयारियों की समीक्षा की गई तथा रेगुलर सेशन-1 के लिए राज्य के पांच प्राथमिक उद्देश्यों को अंतिम रूप देने के संबंध में चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष आयोजित राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन के अनुभवों एवं प्राप्त दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष की तैयारियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को अपने-अपने विषयों पर आवश्यक सूचनाएं एवं सुझाव समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में नीति आयोग द्वारा प्रस्तावित विकसित भारत@2047 के अनुरूप राजस्थान के पांच प्राथमिक क्षेत्रों अक्षय एवं स्वच्छ ऊर्जा, पर्यटन, जलवायु अनुकूल कृषि, औद्योगिक विकास तथा उद्यानिकी आधारित कृषि विकास पर चर्चा की गई। इन क्षेत्रों से संबंधित राज्य की उपलब्धियों, संभावनाओं तथा आगामी कार्ययोजना के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में रीति (राजस्थान इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांस्फॉरमेशन एण्ड इनोवेशन) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने सम्मेलन की प्रस्तावित रूपरेखा की जानकारी देते हुए बताया कि सम्मलेन में विकसित भारत@2047 के अनुरूप राज्यों की प्राथमिकताएं, राज्यों की वित्तीय मजबूती में खनन की भूमिका, लीनियर इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में तेजी तथा शासन में तकनीक के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा प्रस्तावित है। इनके अतिरिक्त अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विभिन्न सत्रों का आयोजन किया जाएगा। बैठक में सभी विभागों के प्रशासनिक सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।