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राजस्थान: ऑयल इंडिया लिमिटेड ने हनुमागगढ़ में शुरू किया पोटाश का वैज्ञानिक अन्वेषण

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
राजस्थान: ऑयल इंडिया लिमिटेड ने हनुमागगढ़ में शुरू किया पोटाश का वैज्ञानिक अन्वेषण

हनुमानगढ़, 23 सितंबर। सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड ने देश में स्वतंत्रता के बाद पहली बार किसी कॉरपोरेट इकाई के रूप में कंपोजिट लाइसेंस के तहत पोटाश के वैज्ञानिक अन्वेषण की शुरुआत की है। कंपनी ने राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में स्थित जोड़कियां-सतीपुरा-खुंजा अमलगमेटेड पोटाश एवं हैलाइट ब्लॉक में अन्वेषण कार्य शुरू किया है।

कंपनी के अनुसार पोटाश कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उर्वरक खनिज है। घरेलू स्तर पर पोटाश संसाधनों की खोज और विकास से उर्वरक क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम करने तथा देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिल सकती हैं। केंद्र सरकार की प्रतिस्पर्धी नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से ऑयल इंडिया ने हनुमानगढ़ जिले में 16.99 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले पोटाश एवं हैलाइट ब्लॉक का कंपोजिट लाइसेंस हासिल किया है।

कंपनी यहां वैज्ञानिक और बहुविषयक अन्वेषण कार्य करेगी।

अन्वेषण के दौरान भूमिगत पोटाश भंडार की विस्तृत मैपिंग के साथ उसके त्रि-आयामी स्वरूप और विस्तार का वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क वर्गीकरण (यूएनएफसी) के तहत जी-2 स्तर का अन्वेषण किया जाएगा। इसके साथ ही हाइड्रोजियोलॉजिकल और जियोटेक्निकल अध्ययन भी किए जाएंगे।

ऑयल इंडिया ने पोटाश को कृषि उत्पादन और खाद्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण खनिज बताते हुए अपनी पहल की टैगलाइन “पोटाश हमारी भूख को मिटा सकती है” रखी है। कंपनी के अनुसार घरेलू पोटाश संसाधनों की पहचान और उनके विकास से देश की दीर्घकालिक उर्वरक आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग मिल सकता है।

तेल और गैस क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए ऑयल इंडिया ने रणनीतिक एवं महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भी अपनी गतिविधियों का विस्तार किया है। कंपनी ने पोटाश के अलावा ग्रेफाइट और वैनेडियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं।

कंपनी के अनुसार महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में विस्तार की रणनीतिक पहल कंपनी के सीएमडी डॉ. रंजीत रथ और निदेशक (एक्सप्लोरेशन एंड डेवलपमेंट) सलोमा योमडो के नेतृत्व में की गई है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

ऑयल इंडिया लिमिटेड ने राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में पोटाश के वैज्ञानिक अन्वेषण की शुरुआत की है, जो देश में पहली बार किसी कॉरपोरेट इकाई के रूप में कंपोजिट लाइसेंस के तहत किया गया है। यह कदम पोटाश के उत्पादन में नई तकनीक और संसाधन प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि पोटाश कृषि में उर्वरक के रूप में प्रमुख भूमिका निभाता है और इसके उत्पादन में वृद्धि से खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय में सुधार संभव है। आम जनता पर इसका असर बेहतर उर्वरक उपलब्धता, कृषि उत्पादन में वृद्ध

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।