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राज्योत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
राज्योत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

रायपुर, 3 नवंबर 2026

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के दूसरे दिन नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव मैदान में कला, संस्कृति, आस्था और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्य मंच पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को भारतीय संस्कृति की गौरवशाली विरासत से परिचित कराया। वहीं छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत, शास्त्रीय नृत्य और आधुनिक संगीत की प्रस्तुतियों ने राज्योत्सव की शाम को यादगार बना दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ने दूसरे दिन प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को सम्मानित कर बधाई दी।

मुख्य मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत विशेष नाट्य प्रस्तुति ‘मैं अयोध्या हूं’ से हुई। एक घंटे की इस नाट्य प्रस्तुति में अयोध्या की ऐतिहासिक, धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत को प्रभावशाली अभिनय एवं कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। नाट्य मंचन में भारतीय संस्कृति, आस्था, परंपराओं और गौरवशाली इतिहास की झलक देखने को मिली। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से भारतीय सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों को जीवंत किया और राम मंदिर निर्माण के इतिहास, आस्था और संस्कृति के इस अनूठे संगम ने दर्शकों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराया।

राज्योत्सव की सांस्कृतिक संध्या में राम आयेंगे फेम प्रसिद्ध पार्श्व गायिका सुश्री स्वास्ति मेहुल ने अपनी सुरीली आवाज और भक्ति प्रस्तुति से राज्योत्सव की शाम को भक्ति के रस में सराबोर कर दिया। उन्होंने अपनी प्रस्तुति से आम जन को भक्ति मय माहौल बना दिया। 'राम आएंगे.......' में जहां लोग झूमते नजर आए और 'कान्हा आन बसो वृंदावन...' ने लोगों को वृंदावन की कृष्ण भक्ति धारा में विभोर कर दिया।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।