राखी के धागे से जुड़ा अपनत्व, कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने संप्रेषण गृह की बालिकाओं के साथ मनाया रक्षाबंधन

विदिशा। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने शासकीय बालिका संप्रेषण गृह पहुंचकर वहां निवासरत बालिकाओं के साथ आत्मीयता से पर्व मनाया। बालिकाओं ने कलेक्टर को राखी बांधकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की भावनाओं को जीवंत किया।
इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीता कांस्बा ने भी कलेक्टर को राखी बांधी। रक्षाबंधन के अवसर पर संप्रेषण गृह की बालिकाओं ने स्वयं तैयार की गई सुंदर कलाकृति कलेक्टर को भेंट की। कलेक्टर ने बालिकाओं की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर कलेक्टर ने संस्था में निवासरत विधि-विवादित बालिकाओं से मुलाकात कर उनकी स्थिति, समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली।
उन्होंने बालिकाओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। जिला कार्यक्रम अधिकारी को ब्रिज कोर्स और ओपन स्कूलिंग के माध्यम से उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने बालिकाओं को भविष्य में रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के लिए कंप्यूटर के शॉर्ट टर्म कोर्स संचालित कराने के निर्देश भी दिए, ताकि वे शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकसित कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकें। कलेक्टर ने बालिकाओं से उनके प्रकरणों और संप्रेषण गृह में मिल रही सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी ली।
उन्होंने उनकी जरूरतों और समस्याओं को समझते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान संस्था की अधीक्षक आकांक्षा मरावी ने बालिकाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी कलेक्टर को दी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीता कांस्बा ने कलेक्टर द्वारा संप्रेषण गृह पहुंचकर बालिकाओं के साथ रक्षाबंधन मनाने और उनका उत्साहवर्धन करने के लिए आभार व्यक्त किया। कलेक्टर की इस आत्मीय पहल से संप्रेषण गृह की बालिकाओं में उत्साह और अपनत्व की भावना देखने को मिली।