रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा भारत: राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बदलते समय के साथ भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और देश के रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र में बुनियादी बदलाव देखने को मिल रहा है।लखनऊ के तीन दिवसीय दौरे के तीसरे और अंतिम दिन PM-SETU इंडस्ट्री कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार स्वदेशी डिजाइन को बढ़ावा दे रही है, घरेलू विनिर्माण को मजबूत कर रही है और रक्षा क्षेत्र में निजी क्षेत्र तथा MSMEs की भागीदारी बढ़ा रही है।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आईटीआई (ITI) को आधुनिक बनाना और कौशल विकास को रक्षा और विनिर्माण उद्योगों की ज़रूरतों से जोड़ना है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के रक्षा विनिर्माण, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, ड्रोन और रोबोटिक्स क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए एक 'आत्मनिर्भर टैलेंट पाइपलाइन' तैयार करना अनिवार्य है। उन्होंने उद्योगों से केवल आईटीआई की मदद करने के बजाय उनके विकास में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
रक्षा मंत्री ने सुझाव दिया कि पीएम-सेतु को यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जोड़ा जाए ताकि राज्य स्किल, डिफेंस और एमएसएमई (MSME) एकीकरण का एक बेहतरीन मॉडल बन सके। पीएम-सेतु योजना (PM-SETU Scheme) के तहत 1,000 सरकारी आईटीआई को 200 'हब' (Hub) और 800 'स्पोक' (Spoke) मॉडल में अपग्रेड किया जा रहा है।
प्रत्येक क्लस्टर (1 हब + 4 स्पोक) में 241 करोड़ रूपए तक के निवेश का प्रावधान है। अब तक 5 राज्यों के 7 क्लस्टरों में ₹1,500 करोड़ से अधिक का प्रतिबद्ध उद्योग-संचालित निवेश प्राप्त हो चुका है।
सम्मेलन में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी और यूपी के कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।