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राम मंदिर का प्रसाद बताकर ऑनलाइन मिठाई बेची:अमेजन पर 1 लाख का जुर्माना, कहा- करोड़ों भक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 20 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
राम मंदिर का प्रसाद बताकर ऑनलाइन मिठाई बेची:अमेजन पर 1 लाख का जुर्माना, कहा- करोड़ों भक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं

राम मंदिर प्रसाद के नाम पर साधारण मिठाइयों को ऑनलाइन बेचा जा रहा था। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने अमेजन पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। अमेजन पर ‘श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद’ के नाम से घी के लड्डू, खोया के लड्डू, बूंदी के लड्डू और गाय के दूध के पेड़े बेचे जा रहे थे।

इनकी लिस्टिंग में इन्हें राम मंदिर का प्रसाद बताया गया था। CCPA ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अनुमति के बिना किसी सामान्य मिठाई को राम मंदिर के प्रसाद के रूप में बेचे जाने से करोड़ों भक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं।

अमेजन ने नोटिस मिलने के बाद जनवरी 2024 में इन प्रोडक्ट की लिस्टिंग हटा दी थी। CCPA की ओर से यह आदेश 4 अगस्त को चीफ कमिश्नर निधि खरे और कमिश्नर अनुपम मिश्रा ने दिया। आदेश में कहा गया कि 15 दिन के अंदर जुर्माना जमा करें।

प्रोडक्ट की लिस्टिंग में धार्मिक चिह्नों का इस्तेमाल किया मामला चंदू ट्रेडिंग कंपनी की ओर से बिहार ब्रदर्स ब्रांड के नाम से अमेजन पर लिस्टिंग चार तरह की मिठाइयों से जुड़ा था। इनमें घी के लड्डू, खोया के लड्डू, बूंदी के लड्डू और गाय के दूध के पेड़े शामिल थे।

इन प्रोडक्ट की लिस्टिंग में धार्मिक चिह्नों का इस्तेमाल किया गया था और दावा किया गया था कि इनमें ‘श्री राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या का आशीर्वाद’ है। प्रोडक्ट की डिटेल में इन्हें ‘राम मंदिर प्रसाद’ बताया गया था।

जुर्माने की रकम 15 दिन के भीतर जमा करनी होगी CCPA के मुताबिक, ये प्रोडक्ट 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह से कुछ दिन पहले लिस्टिंग किए गए थे। अमेजन ने 19 जनवरी को कारण बताओ नोटिस मिलने के बाद इनकी लिस्टिंग हटा दी थी। मामले में अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (CAIT) ने जनवरी 2024 में शिकायत की थी।

CCPA के मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा ने 4 अगस्त को आदेश जारी किया। जुर्माने की रकम 15 दिन के भीतर जमा करनी होगी।

अमेजन ने खुद को बताया था सिर्फ मार्केटप्लेस अमेजन ने अपने बचाव में कहा कि वह केवल एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस है और प्रोडक्ट की लिस्टिंग, कीमत तय करने, डिटेल देने या बिक्री में उसकी सीधे तौर पर कोई भूमिका नहीं थी। कंपनी ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79 के तहत मिलने वाले ‘सेफ हार्बर’ संरक्षण का भी हवाला दिया।

CCPA ने अमेजन की दलील खारिज करते हुए कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 अलग-अलग कानूनी दायित्व तय करते हैं।

कहा कि कोई मार्केटप्लेस इकाई आईटी एक्ट के तहत अपनी मध्यस्थ की स्थिति का हवाला देकर उपभोक्ता संरक्षण संबंधी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकती, जबकि वह अपने प्लेटफॉर्म पर होने वाले लेनदेन से व्यावसायिक लाभ कमा रही हो। 4 प्रोडक्ट से सिर्फ ₹39,802 की बिक्री अमेजन ने CCPA को बताया कि विवादित चारों प्रोडक्ट लिस्टिंग से कुल ₹39,802 की बिक्री हुई थी।

इसमें अमेजन को ₹15,165 सर्विस फीस के तौर पर मिले थे।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि पहले बताई गई ₹25.26 लाख की बिक्री इन चार प्रोडक्ट की नहीं, बल्कि विक्रेता की सभी लिस्टिंग की कुल ग्रॉस मर्चेंडाइज सेल थी। ‘प्रसाद’ के नाम पर बिक्री के लिए अब अनुमति जरूरी CCPA ने अमेजन को निर्देश दिया है कि ‘प्रसाद’, ‘प्रसादम’, ‘महाप्रसाद’, ‘भोग’ या इसी तरह के धार्मिक प्रसाद के नाम से कोई प्रोडक्ट तभी लिस्ट किया जाए, जब उसके पास संबंधित धार्मिक संस्था की अनुमति का सर्टिफिकेट हो।

यह निर्देश 10 धार्मिक संस्थानों से जुड़े उत्पादों पर लागू होगा। इनमें राम जन्मभूमि मंदिर, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम, माता वैष्णो देवी श्राइन, काशी विश्वनाथ मंदिर और जगन्नाथ मंदिर समेत अन्य संस्थान शामिल हैं।

विक्रेता की जानकारी प्रमुखता से दिखानी होगी CCPA ने अमेजन को विक्रेता और उसके ग्रीवांस ऑफिसर की पूरी जानकारी प्रमुखता से दिखाने का भी निर्देश दिया है। साथ ही धार्मिक नामों वाले प्रोडक्ट की पहचान के लिए कीवर्ड आधारित निगरानी और तत्काल हटाने की व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया है।

प्राधिकरण ने अमेजन के बाद में किए गए सहयोग को राहत देने वाला कारक माना है, लेकिन चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी गलती दोहराने पर और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

स्वामी राजकुमार दास बोले- ऐसी कार्रवाई हो कि कोई भक्तों की भावना से खिलवाड़ न कर सके श्रीराम मंदिर धार्मिक समित के सदस्य स्वामी राजकुमार दास ने इस मामले में कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इस कपंनी के साथ इतनी कठोर कार्रवाई हो कि भविष्य में कोई भी कंपनी या संस्था भक्तों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ न कर सके।

उन्होंने कहा कि अभी वे अयोध्या से बाहर हैं। अयोध्या लौटने पर धार्मिक समित के सदस्यों और राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के सामने इस मामले को रखकर कड़ी कार्रवाई की मांग रखेंगे। कहा- हमें विश्वास है कि हम लोग इस मामले में जल्द कड़ा फैसला लेंगे।

📡 स्रोत: NewsData.io

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