रामगढ़ के मुक्तिधाम में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को किया गया नमन, गांधीजी के अस्थि कलश पर पुष्पांजलि अर्पित
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रामगढ़ के मुक्तिधाम में गांधी-शास्त्री को नमन, गांधीजी के अस्थि कलश पर पुष्पांजलि, रामगढ़ से जुड़ी गांधीजी की यादें, सत्य-अहिंसा और सादगी का संदेश, गांधी-शास्त्री के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प।
Short Headline: रामगढ़ के मुक्तिधाम में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को किया गया नमन, गांधीजी के अस्थि कलश पर पुष्पांजलि अर्पित
गांधी एवं शास्त्री जयंती, रामगढ़, के.के.तिवारी
रामगढ़ के मुक्तिधाम में गांधी-शास्त्री को नमन
गांधीजी के अस्थि कलश पर पुष्पांजलि रामगढ़ से जुड़ी गांधीजी की यादें
सत्य-अहिंसा और सादगी का संदेश गांधी-शास्त्री के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प
एंकर रामगढ़ से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कई यादें जुड़ी हैं। वर्ष 1940 में कांग्रेस के 53वें अधिवेशन में गांधीजी ने रामगढ़ में शिरकत की थी। आज गांधी जयंती पर दामोदर नदी के किनारे स्थित मुक्तिधाम परिसर में गांधीजी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती संयुक्त रूप से मनाई गई। यहां गांधीजी के अस्थि कलश को विरासत के रूप में स्थापित किया गया है।
होल्ड अप साउंड रिपोर्ट
वीओ 1 रामगढ़ के मुक्तिधाम में गांधी और शास्त्री जयंती पर श्रद्धांजलि और सर्वधर्म प्रार्थना सभा आयोजित हुई। मुक्तिधाम परिसर में स्थापित गांधीजी के अस्थि कलश पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। आयोजक कमल बगड़िया ने बताया कि यहां तीन दशकों से गांधी जयंती और पुण्यतिथि पर कार्यक्रम हो रहा है।
बाइट- कमल बगड़िया
वीओ 2 हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने मुक्तिधाम संस्था के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गांधीजी और शास्त्रीजी के जीवन से प्रेरणा लेकर उनके आदर्शों को अपनाने की जरूरत है।
बाइट- मनीष जायसवाल, सांसद, हजारीबाग
वीओ 3 वहीं, रामगढ़ उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि गांधीजी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन और उनके विचारों को समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों के बताए रास्ते पर चलकर देश को आगे बढ़ाने में योगदान दिया जा सकता है।
बाइट- ऋतुराज, उपायुक्त, रामगढ़
वीओ 4 कार्यक्रम में गोला से पुष्पांजलि अर्पित करने पहुंची नन्ही स्कूली छात्रा ने भी गांधी जयंती को खास बताया। उसने कहा कि गांधीजी और शास्त्रीजी जैसे महापुरुषों को याद करना और उनके बारे में जानना आज की पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण है।
बाइट- लवली कुमारी, स्कूली छात्रा
अंतिम वीओ रामगढ़ के मुक्तिधाम में गांधी जयंती और शास्त्री जयंती के मौके पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा ने एक बार फिर सत्य, अहिंसा, सादगी और राष्ट्रसेवा के उन आदर्शों को याद कराया, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
रामगढ़ से के.के.तिवारी की रिपोर्ट।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
रामगढ़ के मुक्तिधाम में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को नमन करने की घटना पर आधारित यह खबर है। इसमें गांधीजी के अस्थि कलश पर पुष्पांजलि अर्पित की गई है, जो उनके सत्य-अहिंसा और सादगी के संदेश को याद दिलाती है। यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दो महान नेताओं के बीच गहरी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक संबंध को दर्शाता है, और रामगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को उजागर करता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि लोग गांधी-शास्त्री के मार्ग पर चलने का संकल्प लें, समाज में शांति और समरसता की भावना बढ़े, और स