राजनीति

रामेश्वर शर्मा जी, जनता का ध्यान भटकाना बंद कीजिए

लेखक: Muhammad Naseem अंतिम अपडेट: 7 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
रामेश्वर शर्मा जी, जनता का ध्यान भटकाना बंद कीजिए

भोपाल। हुजूर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े राजनीतिक बयानबाजी के बीच रामेश्वर शर्मा की कार्यशैली और हालिया बयान को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

आलोचकों का कहना है कि जनप्रतिनिधि का प्राथमिक दायित्व अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाना और विकास से जुड़े मुद्दों पर काम करना है, न कि दूसरे इलाकों को लेकर ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना जिससे सामाजिक और धार्मिक भावनाएं प्रभावित हों।

आलोचना में कहा गया है कि काजी कैंप भोपाल का हिस्सा है और भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी होने के साथ देश का हिस्सा है। ऐसे में अपने ही शहर और देश के नागरिकों के संदर्भ में ‘मिसाइल’ जैसी भाषा का इस्तेमाल गंभीर और चिंताजनक है।

सवाल यह भी उठाया गया है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी इलाके या वहां रहने वाले लोगों को लेकर ऐसी शब्दावली क्या एक जनप्रतिनिधि के पद की गरिमा के अनुरूप है? देश के नागरिकों और अपने ही शहर के एक मोहल्ले के संदर्भ में इस तरह की भाषा को लेकर सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर बहस होना स्वाभाविक है।

आलोचकों ने रामेश्वर शर्मा से अपील की है कि राजनीतिक मुद्दों को हिंदू-मुस्लिम रंग देने के बजाय हुजूर विधानसभा क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं, विकास, रोजगार, शिक्षा और नागरिक सुविधाओं पर ध्यान दिया जाए। उनका कहना है कि जनता को अपने जनप्रतिनिधि से काम और समाधान की उम्मीद होती है। हुजूर के लोगों को विकास चाहिए, विवाद नहीं।

भोपाल को बेहतर सुविधाएं चाहिए, तनाव की राजनीति नहीं। और बच्चों को किताब, खेल का मैदान और सुरक्षित भविष्य चाहिए, डर का माहौल नहीं। राजनीति में बयान सुर्खियां जरूर बना सकते हैं, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि की असली पहचान उसके क्षेत्र में किए गए काम से बनती है।

जनता का ध्यान किस मुद्दे पर रहे, यह तय करने से ज्यादा जरूरी है कि जनता जिन समस्याओं के समाधान के लिए अपना प्रतिनिधि चुनती है, उन पर कितना काम हुआ।

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Muhammad Naseem

वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं चिंतक हैं। जिनका समाज के विभिन्न हिस्सों और समस्याओं पर गहरा अध्ययन है।