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रणथंभौर में बाघिन शक्ति और शावकों की अठखेलियां देख रोमांचित हुए पर्यटक

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 9 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
रणथंभौर में बाघिन शक्ति और शावकों की अठखेलियां देख रोमांचित हुए पर्यटक

रणथंभौर टाइगर रिजर्व के जोन नंबर-4 में बाघिन शक्ति टी-111 और उसके दोनों शावकों की शानदार साइटिंग हुई। बाघिन को शावक पर दुलार लुटाते देख पर्यटक रोमांचित हो गए और इस खूबसूरत पल को कैमरे में कैद कर लिया।

सवाई माधोपुर, 09 अक्टूबर। रणथंभौर टाइगर रिजर्व में इन दिनों देशी-विदेशी पर्यटकों को बाघों की शानदार साइटिंग देखने को मिल रही है। बाघ-बाघिन और उनके शावकों की अठखेलियां पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। ऐसा ही एक खूबसूरत नजारा रणथंभौर के जोन नंबर-4 में देखने को मिला, जहां पर्यटकों को बाघिन शक्ति टी-111 और उसके दोनों शावकों के दीदार हुए।

टाइगर सफारी के दौरान जोन नंबर-4 के सेमली वन क्षेत्र में बाघिन शक्ति एक चट्टान के पास बैठी नजर आई। बाघिन करीब 15 से 20 मिनट तक चट्टान पर आराम करती रही, जबकि उसके दोनों शावक पास ही एक पेड़ के नजदीक आराम करते दिखाई दिए।

कुछ देर बाद बाघिन चट्टान से उठकर शावक के पास पहुंची और उसे दुलार करने लगी। मां और शावक के बीच स्नेह का यह दृश्य देखकर पर्यटक रोमांचित हो उठे। पर्यटकों ने इस खास पल को अपने डिजिटल कैमरों में कैद किया। बताया गया कि पर्यटकों को करीब एक घंटे तक बाघिन और उसके शावकों की गतिविधियां देखने का अवसर मिला।

शावकों को जंगल के गुर सिखा रही शक्ति

करीब आठ साल की बाघिन शक्ति टी-111 रणथंभौर की जानी-मानी बाघिनों में शामिल है। वह अपनी आक्रामक शैली के लिए भी पहचानी जाती है। शक्ति का संबंध रणथंभौर की प्रसिद्ध बाघिनों मछली और कृष्णा की वंश परंपरा से बताया जाता है।

बाघिन शक्ति के दोनों शावकों की उम्र करीब डेढ़ साल है। इन दिनों वह उन्हें जंगल में रहने, शिकार करने और प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने के तौर-तरीके सिखा रही है। वन्यजीवों के जीवन में यह प्रशिक्षण शावकों के स्वतंत्र रूप से जंगल में जीवित रहने के लिए महत्वपूर्ण होता है।

रणथंभौर में बाघिन शक्ति और उसके शावकों की इस तरह की साइटिंग पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव बन रही है। मां की ममता और शावकों के साथ उसके व्यवहार का यह दृश्य जंगल के प्राकृतिक जीवन की खूबसूरती को दर्शाता है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।