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रांची के आरोग्य भवन में आयोजित वन सब्जी बाजार में बड़ी संख्या में वन उत्पाद लेकर पहुंचे वनवासी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 9 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
रांची के आरोग्य भवन में आयोजित वन सब्जी बाजार में बड़ी संख्या में वन उत्पाद लेकर पहुंचे वनवासी

रांची के आरोग्य भवन में वनवासी कल्याण केन्द्र की पहल पर लगा दो दिवसीय वन सब्जी बाजार, जंगल के साग-सब्जियों और प्राकृतिक उत्पादों के साथ पहुंचे वनवासी, मड़ुआ की इडली और बादाम की चटनी के स्वाद का लोगों ने लिया आनंद।

Short Headline: रांची के आरोग्य भवन में आयोजित वन सब्जी बाजार में बड़ी संख्या में वन उत्पाद लेकर पहुंचे वनवासी

वन सब्जी बाजार, रांची, डीडी रांची में दो दिवसीय वन सब्जी बाजार का आयोजन

जंगल के साग-सब्जियों और प्राकृतिक उत्पादों की प्रदर्शनी

मोटे अनाज से बने खाद्य पदार्थों के प्रति बढ़ा आकर्षण

वन उत्पादों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराने की पहल

एंकर रांची के आरोग्य भवन में चल रहे दो दिवसीय वन सब्जी बाजार का आज समापन होगा। दो दिवसीय इस अनूठे हाट में जंगल के सौंधे स्वाद और कुदरती सेहत को बढ़ावा देने वाले उत्पादों की प्रदर्शनी लगायी गयी। नेचुरल उत्पादों को शहर में स्थायी बाजार मिले इसके लिए यह पहल की गई।

होल्ड अप साउंड/रिपोर्ट

वीओ 01. रांची के बरियातू स्थित आरोग्य भवन में लगे वन सब्जी बाजार में राज्य के विभिन्न वनवासी क्षेत्रों से आए किसानों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए। बाजार में तरह-तरह के पारंपरिक साग-सब्जियां और प्राकृतिक खाद्य पदार्थ आकर्षण का केंद्र रहे। लोगों ने इन उत्पादों में रुचि दिखाई और इनके पारंपरिक स्वाद तथा उपयोग के बारे में जानकारी ली।

बाइट- स्टॉल संचालक (तीन महिला)

वीओ 02. वन सब्जी बाजार में मोटे अनाज यानी श्रीअन्न से बने खाद्य पदार्थों की भी अच्छी-खासी मौजूदगी रही। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं रागी, बाजरा, जौ और गोंदली जैसे अनाजों से तैयार लड्डू, ठेकुआ, निमकी सहित कई पारंपरिक खाद्य पदार्थ लेकर पहुंचीं। इन उत्पादों के जरिए महिलाओं ने स्थानीय अनाजों की उपयोगिता और पौष्टिक खानपान के महत्व को सामने रखा।

बाइट- स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं (02)

वीओ 03. इस बाजार में मड़ुआ यानी रागी से बनी इडली भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी। वनवासी कल्याण केन्द्र के सदस्यों ने मड़ुआ की इडली के साथ बादाम की चटनी परोसी और लोगों को मड़ुआ के गुणों से परिचित कराया। वहीं, भारतीय विकास परिषद के सदस्यों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने की पहल को महत्वपूर्ण बताया।

बाइट- हिंदुआ उरांव, इडली बनाने वाले बाइट- सदस्य, भारतीय विकास परिषद् (03)

अंतिम वीओ वन सब्जी बाजार के जरिए वनवासी क्षेत्रों के किसानों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर मिला। प्राकृतिक खाद्य पदार्थों और पारंपरिक व्यंजनों को प्रोत्साहित करने की इस पहल का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को शहरी बाजार से जोड़ना और लोगों को पौष्टिक खानपान के प्रति जागरूक करना रहा।

रांची से सहयोगी सौरभ और विकास के साथ प्रणय प्रबोध की रिपोर्ट।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।