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रांची के हरमू में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा का अपमान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने गिरफ्तारी की मांग की

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 29 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
रांची के हरमू में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा का अपमान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने गिरफ्तारी की मांग की

रांची के हरमू में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा का अपमान, अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने आरोपियों के गिरफ्तारी की मांग की।

Short Headline: रांची के हरमू में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा का अपमान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने गिरफ्तारी की मांग की

28 सितंबर, रांची: रांची के हरमू स्थित पार्क में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा को अपमानित किए जाने और उसे क्षतिग्रस्त करने के प्रयास का मामला सामने आया है। घटना के बाद भाजपा नेताओं ने अरगोड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि महापुरुषों की प्रतिमाएं राष्ट्रीय चेतना और गौरव का प्रतीक हैं। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से मामले में शामिल लोगों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। आदित्य साहू ने कहा कि यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं होती है, तो भाजपा आंदोलन करेगी।

उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी प्रतिमा का अपमान गंभीर विषय है। घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा की साफ-सफाई कर माल्यार्पण भी किया। मामले में पुलिस से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

बाइट- आदित्य साहू, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा

💡 पृष्ठभूमि (Background)

रांची के हरमू में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा को अपमानित किया गया, जिससे स्थानीय समुदाय में गुस्सा और असंतोष पैदा हुआ। यह घटना सांस्कृतिक सम्मान और सार्वजनिक स्थानों पर सम्मानजनक व्यवहार के मुद्दे को उजागर करती है। इस खबर का महत्व इस बात में है कि यह धार्मिक और ऐतिहासिक प्रतीकों के प्रति सम्मान की कमी को दर्शाती है, जिससे समाज में विभाजन और असहिष्णुता बढ़ सकती है। आम जनता पर इसका असर यह है कि इससे लोगों में सार्वजनिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और समान घटनाओं के खिल

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

सभी को याद दिलाना चाहेंगे कि किसी भी प्रकार की अपमानजनक या हिंसक क्रिया का निवारण शांतिपूर्ण संवाद और कानूनी प्रक्रियाओं से ही संभव है। जब किसी की प्रतिष्ठा या स्मृति पर आघात हो, तो शांत मन से पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराना और न्यायालय के निर्णय का पालन करना सबसे उचित है। समाज की एकता और सहिष्णुता तभी बनी रहती है जब हम विवादों का समाधान सहानुभूति और कानून के मार्ग पर करें।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।