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रांची का कर्बला दुर्गा मंदिर बना गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल, हिन्दू-मुस्लिम 70 सालों से कर रहें मां दुर्गा की आराधना

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 14 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
रांची का कर्बला दुर्गा मंदिर बना गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल, हिन्दू-मुस्लिम 70 सालों से कर रहें मां दुर्गा की आराधना

रांची का कर्बला दुर्गा मंदिर बना गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल, हिन्दू-मुस्लिम 70 सालों से कर रहें मां दुर्गा की आराधना, सात दशक पुरानी परंपरा आज भी बरकरार।

Short Headline: रांची का कर्बला दुर्गा मंदिर बना गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल, हिन्दू-मुस्लिम 70 सालों से कर रहें मां दुर्गा की आराधना

कर्बला दुर्गा पूजा, रांची, डीडी

कर्बला चौक का दुर्गा मंदिर बना एकता की मिसाल

वर्ष 1956 से हो रही मां दुर्गा की पूजा-अर्चना

हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे का प्रतीक सात दशक पुरानी परंपरा आज भी बरकरार

एंकर रांची के कर्बला चौक में स्थित दुर्गा मंदिर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश कर रहा है। करीब 70 सालों से हो रही मां दुर्गा की पूजा-अर्चना अब परंपरा बन गई है और यह सांप्रदायिक सौहार्द का परिचय भी दे रही है। अफरोज आलम यहां के संरक्षक हैं और मोहम्मद नसीम मंदिर की देखरेख करते हैं।

होल्ड अप साउंड रिपोर्ट

वीओ 01. रांची के कर्बला चौक में स्थित मां दुर्गा मंदिर करीब सात दशक पुराना है। इसकी स्थापना रामजतन राम ने की थी। यहां वर्ष 1956 से शारदीय नवरात्र में अनुष्ठान हो रहा है। मंदिर प्रबंधन समिति के सचिव जयराज रावत ने बताया कि यह मंदिर हिन्दू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है। वहीं समिति के उप कोषाध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि इस मंदिर से सबों की आस्था जुड़ी है।

बाइट- जयराज रावत, सचिव, मंदिर प्रबंधन समिति

बाइट- मनीष कुमार, उप कोषाध्यक्ष

वीओ 02. कर्बला चौक के पास एक छोटा-सा मां दुर्गा का मंदिर... दीवार में मां दुर्गा के प्रारूप को उकेरा गया है और ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में पूजा-अर्चना करने से मनोकामना पूरी होती है। विगत 37 वर्षों से अफरोज आलम मंदिर के संरक्षक हैं और मोहम्मद नसीम मंदिर की देखरेख करते हैं। वहीं, स्थानीय खुर्शीद आलम ने बताया कि उनकी और आसपास के लोगों की बचपन से ही मंदिर से आस्था जुड़ी है।

बाइट- अफरोज आलम, संरक्षक बाइट- मो. नसीम, देखरेख करने वाले

वीओ 03. शहर के बीचो-बीच स्थित इस मंदिर में गंगा-जमुनी तहजीब की झलक देखने को मिलती है। अब इस मंदिर का कायाकल्प हो रहा है और मंदिर को बड़ा स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा मंदिर परिसर में पारपंरिक तरीके से नवरात्र का अनुष्ठान भी जारी है। पुजारी अर्जुन दुबे मंदिर परिसर में पूजा करवा रहे हैं।

होल्ड/मंत्रोच्चार

अंतिम वीओ कर्बला चौक स्थित मां दुर्गा का यह मंदिर आस्था, परंपरा और आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल है। करीब सात दशकों से जारी दुर्गा पूजा का यह अनुष्ठान सामाजिक सौहार्द का परिचायक है। बदलते समय के साथ मंदिर को नया स्वरूप दिया जा रहा है, लेकिन इसकी पुरानी परंपरा और गंगा-जमुनी तहजीब आज भी बरकरार है।

डीडी न्यूज़ के लिए रांची से सहयोगी सौरभ कुमार के साथ प्रणय प्रबोध की रिपोर्ट।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।