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रांची के खेतों में खिल रही खुशहाली, दीपावली-छठ पर गेंदे के फूलों से बढ़ेगी किसानों की आमदनी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
रांची के खेतों में खिल रही खुशहाली, दीपावली-छठ पर गेंदे के फूलों से बढ़ेगी किसानों की आमदनी

दीपावली-छठ पर गेंदे के फूलों की बढ़ी मांग, रांची के नगड़ी में बड़े पैमाने पर हो रही गेंदा फूल की खेती, फूलों की खेती से महिलाओं को मिल रहा रोजगार, पढ़ाई के साथ माला बनाकर अतिरिक्त खर्च निकाल रहीं किशोरियां।

Short Headline: रांची के खेतों में खिल रही खुशहाली, दीपावली-छठ पर गेंदे के फूलों से बढ़ेगी किसानों की आमदनी

गेंदा फूल की खेती, रांची, अवधेश

दीपावली-छठ पर गेंदे के फूलों की बढ़ी मांग

नगड़ी में बड़े पैमाने पर हो रही गेंदा फूल की खेती

फूलों की खेती से महिलाओं को मिल रहा रोजगार

पढ़ाई के साथ माला बनाकर जेब खर्च निकाल रहीं किशोरियां

एंकर दीपावली हो या छठ महापर्व, गेंदे के फूलों के बिना त्योहारों की सजावट अधूरी है। घरों से लेकर मंदिरों और बाजारों तक गेंदे के फूलों की मांग बढ़ जाती है। रांची के नगड़ी में बड़े पैमाने पर गेंदा फूल की खेती होती है। यहां के फूल झारखंड के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के कई शहरों तक पहुंच रहे हैं।

होल्ड अप साउंड रिपोर्ट

वीओ 01. दीपावली और छठ महापर्व पर ताजे और स्थानीय फूलों की मांग बढ़ जाती है। इसे देखते हुए रांची के नगड़ी में किसान बड़े पैमाने पर गेंदा फूल की खेती कर रहे हैं। फूल उत्पादक लालमोहन महतो करीब दस वर्षों से गेंदा फूल की खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि त्योहारों के दौरान बाजार में गेंदा फूल की आपूर्ति करना चुनौती बन जाती है।

बाइट– लालमोहन महतो, फूल उत्पादक

वीओ 02. गेंदा फूल की खेती के साथ यहां ग्रामीण महिलाओं को भी रोजगार का अवसर मिल रहा है। लालमोहन महतो के खेतों में करीब 15 से 20 महिलाएं काम करती हैं। घर के कामकाज निपटाने के बाद ये महिलाएं फूलों को तोड़ माला तैयार करती हैं। उनके लिए यह काम अतिरिक्त आमदनी का अहम स्रोत बन चुका है।

बाइट– पूनम कच्छप, ग्रामीण महिला बाइट– नीलम कच्छप, ग्रामीण महिला

वीओ 03. गेंदा फूली की खेती से गांव की किशोरियां भी जुड़ी हैं। स्कूल और पढ़ाई के बाद मिलने वाले खाली समय में वे फूलों को धागे में पिरोकर माला तैयार करती हैं। इससे उन्हें अपनी पढ़ाई और व्यक्तिगत जरूरतों के लिए कुछ पैसे मिल जाते हैं।

बाइट– सुषमा कुमारी, किशोरी बाइट– रानी कुमारी, किशोरी

अंतिम वीओ त्योहारों की इस रौनक के बीच नगड़ी के खेतों में खिले गेंदा के फूल किसानों की मेहनत, महिलाओं के रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की एक खूबसूरत तस्वीर पेश कर रहे हैं।

रांची से अवधेश गौतम की रिपोर्ट।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।