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रांची के मणिटोला दुर्गा मंडप में 1917 से हो रही पूजा-अर्चना, मनोकामनाएं होती हैं पूरी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
रांची के मणिटोला दुर्गा मंडप में 1917 से हो रही पूजा-अर्चना, मनोकामनाएं होती हैं पूरी

रांची के मणिटोला दुर्गा मंडप में 1917 से हो रही पूजा-अर्चना, मनोकामना पूरी होने की मान्यता से 'मनसा मंडप' की विशेष पहचान, नवरात्र में कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की आराधना, हिनू यूनाइटेड क्लब के पंडाल में दिखेगी राजस्थानी महल की झलक।

Short Headline: रांची के मणिटोला दुर्गा मंडप में 1917 से हो रही पूजा-अर्चना, मनोकामनाएं होती हैं पूरी

मणिटोला दुर्गा मंडप, रांची, डीडी

रांची के मणिटोला दुर्गा मंडप में 1917 से हो रही पूजा-अर्चना

मनोकामना पूरी होने की मान्यता से मनसा मंडप की विशेष पहचान

नवरात्र में कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की आराधना

हिनू यूनाइटेड क्लब के पंडाल में दिखेगी राजस्थानी महल की झलक

एंकर राजधानी रांची के डोरंडा स्थित मणिटोला दुर्गा मंडप की महिमा अपरंपार है। यहां वर्ष 1917 से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जा रही है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां की आराधना करने पर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यही वजह है कि इस मंडप को मनसा मंडप के नाम से भी जाना जाता है। नवरात्र के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ उमड़ती है।

होल्ड अप साउंड रिपोर्ट

वीओ–1: रांची के डोरंडा स्थित मणिटोला दुर्गा मंडप में आस्था और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिलता है। वर्ष 1917 से यहां मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जा रही है। नवरात्र के दौरान मंडप में कई कलश स्थापित किए जाते हैं। श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ मां के दरबार में पहुंचकर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।

बाइट- श्रद्धालु

वीओ–2: मणिटोला दुर्गा मंडप की खास पहचान यहां की धार्मिक मान्यताएं हैं। कहा जाता है कि मां की आराधना से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं, जिसके कारण इसे मनसा मंडप भी कहा जाता है। बिहार के गयाजी से आए पुरोहित रवीन्द्र मिश्रा दशकों से विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना करा रहे हैं। उनकी देखरेख में नवरात्र के दौरान धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होते हैं।

बाइट- रवीन्द्र मिश्रा, पुरोहित

वीओ–3: हिनू यूनाइटेड क्लब की ओर से यहां राजस्थानी काल्पनिक महल की थीम पर भव्य पूजा पंडाल का निर्माण कराया गया है। पंडाल की कलात्मकता और मां दुर्गा के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था से दुर्गोत्सव खास बन गया है। वहीं, यहां के लोगों की मां दुर्गा के प्रति अटूट आस्था देखते ही बनती है।

बाइट- श्रद्धालु

अंतिम वीओ: मणिटोला दुर्गा मंडप में वर्षों से चली आ रही पूजा परंपरा आज भी श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। पीढ़ियों से चली आ रही आस्था, धार्मिक अनुष्ठान और मां दुर्गा के प्रति अटूट विश्वास इस मंडप को विशिष्ट पहचान देते हैं। नवरात्र के इस पावन अवसर पर पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर है।

रांची से सहयोगी सौरभ कुमार के साथ प्रणय प्रबोध की रिपोर्ट।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।