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रांची में नशे की बढ़ती शिकायतों को लेकर भाजपा प्रवक्ता राफिया नाज़ ने सरकार से प्रभावी कार्रवाई की मांग की

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
रांची में नशे की बढ़ती शिकायतों को लेकर भाजपा प्रवक्ता राफिया नाज़ ने सरकार से प्रभावी कार्रवाई की मांग की

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Short Headline: रांची में नशे की बढ़ती शिकायतों को लेकर भाजपा प्रवक्ता राफिया नाज़ ने सरकार से प्रभावी कार्रवाई की मांग की

Synopsis: भाजपा प्रवक्ता राफिया नाज़ ने रांची में नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायतों पर चिंता जताई, स्कूल-कॉलेज और अस्पतालों के आसपास निगरानी और त्वरित कार्रवाई की मांग की।

Category: Politics Deadline : 20 SEPTEMBER, RANCHI

20 सितंबर, रांची: भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज़ ने झारखंड में नशे की बढ़ती पहुंच और आपराधिक घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार पर तीखा हमला बोला है।

राफिया नाज़ ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी गुटखा और तंबाकू पर प्रतिबंध की बात करते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार को यह भी बताना चाहिए कि राजधानी रांची में नशे के दूसरे रूपों पर प्रभावी कार्रवाई कहां है।

राफिया नाज़ ने कहा कि रांची में अस्पतालों और महिला महाविद्यालयों जैसे संवेदनशील स्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। सरकारी विद्यालयों के ग्राउंड में भी शाम के बाद नशा करने वालों के जमा होने की शिकायतें चिंता का विषय हैं।सरकार तत्काल इन स्थानों की जांच कराए और शिकायतें सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई करे।

उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार ने जून 2026 में ‘नशामुक्त झारखंड’ के लिए राज्यव्यापी जागरूकता अभियान भी शुरू करने का ढोंग किया था। लेकिन जनता केवल जागरूकता अभियान नहीं, बल्कि जमीन पर परिणाम चाहती है। बैन, अभियान और घोषणाओं के बीच अगर नशे की उपलब्धता की शिकायतें सामने आती रहें, तो सरकार को जवाब देना होगा कि कार्रवाई की वास्तविक स्थिति क्या है।

उन्होंने कहा कि बच्चे स्कूल-कॉलेज जाने के लिए निकलते हैं। अगर उनके आसपास नशे का नेटवर्क सक्रिय होने की शिकायतें रहेंगी, तो माता-पिता अपने बच्चों को लेकर कैसे निश्चिंत रहेंगे? हमारी बेटियां कॉलेज से लौटती हैं तो परिवार की चिंता बढ़ जाती है। छेड़छाड़, चेन स्नैचिंग और अन्य आपराधिक घटनाओं का डर महिलाओं की स्वतंत्र आवाजाही को प्रभावित करता है। यह केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि झारखंड की आने वाली पीढ़ी के भविष्य और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल है।

राफिया ने कहा नशा पहले बच्चे का भविष्य छीनता है और उसके बाद अपराध का रास्ता खोल सकता है।

राफिया नाज़ ने कहा कि सरकार ने गुटखा और तंबाकू पर प्रतिबंध लगाया है तो उसका असर जमीन पर भी दिखाई देना चाहिए। सवाल यह है कि प्रतिबंधित पदार्थों की बिक्री कहां हो रही है, उन्हें कौन बेच रहा है और उनके पीछे कौन सा सप्लाई नेटवर्क काम कर रहा है? सरकार को छोटे विक्रेताओं तक कार्रवाई सीमित रखने के बजाय पूरे नेटवर्क की जांच करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, झारखंड के बच्चों के हाथ में किताब होनी चाहिए, नशा नहीं; हमारी बेटियों के कदमों में आजादी होनी चाहिए, डर नहीं। सरकार अपराध और नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई करे। जनता यह जानना चाहती है कि स्कूल-कॉलेजों के आसपास नशे की पहुंच की शिकायतें आखिर कैसे सामने आ रही हैं और इसकी निगरानी की जिम्मेदारी किसकी है?

राफिया नाज़ ने कहा कि सरकार को केवल अभियान चलने का ढोंग या पोस्टरबाजी करने से काम नहीं चलेगा। जनता जमीन पर परिणाम देखना चाहती है। नशा पहले बच्चे के भविष्य को नुकसान पहुंचा सकता है और नशे से जुड़े जोखिमों के कारण परिवार और समाज की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों के आसपास विशेष “नशामुक्त सुरक्षा क्षेत्र” बनाकर नियमित निगरानी, पुलिस गश्त, सीसीटीवी जांच और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

रानी में नशे की बढ़ती शिकायतों पर भाजपा प्रवक्ता राफिया नाज़ ने सरकार से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। यह विषय रानी शहर में नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन के बढ़ते मामले को लेकर है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि नशे की समस्या से न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है, बल्कि सामाजिक व्यवस्था और शिक्षा पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। यदि सरकार समय पर निगरानी और कार्रवाई नहीं करती, तो स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों के पास नशीले पदार्थों की पहुँच और अधिक बढ़ सकती है। इससे आम जनता के जीवन स्तर

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।