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रांची को प्रमुख आईटी हब बनाने की दिशा में पहल, 2029 तक आईटी पार्क शुरू करने का लक्ष्य

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 29 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
रांची को प्रमुख आईटी हब बनाने की दिशा में पहल, 2029 तक आईटी पार्क शुरू करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से RMZ Infrastructure के अध्यक्ष दीपक छाबड़िया ने की मुलाकात, रांची को प्रमुख आईटी हब बनाने की दिशा में पहल, 2029 तक आईटी पार्क शुरू करने और पहले चरण में 20 हजार, अगले तीन वर्षों में 75 हजार रोजगार सृजन के लक्ष्य पर चर्चा।

Short Headline: रांची को प्रमुख आईटी हब बनाने की दिशा में पहल, 2029 तक आईटी पार्क शुरू करने का लक्ष्य

28 सितंबर, रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से RMZ Infrastructure के प्रेसिडेंट दीपक छाबड़िया ने मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान झारखंड में अत्याधुनिक आईटी पार्क विकसित करने, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर यानी GCC की स्थापना और तकनीकी एवं औद्योगिक निवेश बढ़ाने पर चर्चा हुई।

प्रस्तावित योजना के तहत 2029 तक रांची में आईटी पार्क शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में करीब 20 हजार रोजगार और अगले तीन वर्षों में इसकी क्षमता बढ़ाकर लगभग 75 हजार रोजगार अवसर सृजित करने की योजना है। इसके लिए आईआईएम रांची, नए विधानसभा परिसर और हाईकोर्ट परिसर के निकट करीब 100 एकड़ भूमि को संभावित स्थल के रूप में विकसित करने पर विचार किया जा रहा है।

बैठक में आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग, न्यूक्लियर एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय युवाओं के लिए उच्च-कौशल आधारित रोजगार के अवसर बढ़ाने और रांची को आईटी तथा नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल अक्टूबर में बेंगलुरु का दौरा कर वहां के आईटी पार्क और GCC मॉडल का अध्ययन करेगा। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, आईटी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की सचिव पूजा सिंघल और JSAC की निदेशक माधवी मिश्रा भी मौजूद रहीं।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

रांची को प्रमुख आईटी हब बनाने की दिशा में पहल, 2029 तक आईटी पार्क शुरू करने का लक्ष्य यह विषय रांची शहर को आईटी उद्योग के केंद्र में बदलने की योजना पर आधारित है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे शहर की आर्थिक संरचना में बदलाव आएगा और राज्य सरकार की विकास रणनीति स्पष्ट होगी। आम जनता पर इसका असर रोजगार सृजन, नई तकनीकी शिक्षा के अवसर और जीवन स्तर में सुधार के रूप में दिखेगा, जिससे स्थानीय लोगों की आय और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आएगा।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।