रांची रेलवे स्टेशन पूजा पंडाल में वामनावतार की झलक, केरल के ओणम पर्व का दृश्य खास
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रांची रेलवे स्टेशन पर वामनावतार की थीम पर बना इको-फ्रेंडली पंडाल, पंडाल में भगवान विष्णु और असुरराज महाबली की कथा का चित्रण, केरल के ओणम पर्व और लोक संस्कृति की दिख रही झलक, कोलकाता के कारीगरों ने मां दुर्गा को दिया आकर्षक स्वरूप।
Short Headline: रांची रेलवे स्टेशन पूजा पंडाल में वामनावतार की झलक, केरल के ओणम पर्व का दृश्य खास
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रांची रेलवे स्टेशन पर वामनावतार की थीम पर बना इको-फ्रेंडली पंडाल
पंडाल में भगवान विष्णु और असुरराज महाबली की कथा का चित्रण
केरल के ओणम पर्व और लोक संस्कृति की दिख रही झलक
कोलकाता के कारीगरों ने मां दुर्गा को दिया आकर्षक स्वरूप
एंकर राजधानी रांची के रेलवे स्टेशन परिसर में इस बार वामनावतार की थीम पर आकर्षक पूजा पंडाल बनाया गया है। भगवान विष्णु के वामन अवतार और असुरराज महाबली की पौराणिक कथा को इस पंडाल में कलात्मक ढंग से दर्शाया गया है। पूरी तरह इको-फ्रेंडली बनाए गए इस पंडाल में धार्मिक आस्था, पौराणिक प्रसंग और लोक संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है।
होल्ड अप साउंड रिपोर्ट
वीओ–1: रांची रेलवे स्टेशन स्थित पूजा पंडाल में भगवान विष्णु के वामन अवतार की कथा को जीवंतता प्रदान की गई है। मान्यताओं के अनुसार, वामन अवतार में भगवान विष्णु ने असुरराज महाबली से तीन पग भूमि दान में मांगी थी। पंडाल में महाबली को भगवान वामन के चरणों में स्थान लेते दर्शाया गया है। समिति के सदस्य कौशल चौधरी ने बताया कि पंडाल के जरिए श्रद्धालुओं को पौराणिक कथा से रूबरू कराया जा रहा है।
बाइट- कौशल चौधरी, सदस्य, पूजा समिति
वीओ–2: पंडाल की सजावट में धार्मिक प्रसंगों के साथ लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिल रही है। केरल के ओणम पर्व के दौरान नाव पर सवार होकर नाचते-गाते लोगों का प्रारूप यहां दर्शाया गया है। वहीं, हाथी जैसे वन्य प्राणियों की आकृतियां पंडाल की शोभा बढ़ा रही हैं। पूरी तरह इको-फ्रेंडली तरीके से तैयार इस पंडाल में पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया है।
बाइट- कौशल चौधरी, सदस्य, पूजा समिति बाइट- नवीन शर्मा, सदस्य, पूजा समिति
वीओ–3: कोलकाता के कारीगरों ने मां दुर्गा की प्रतिमा को विशेष स्वरूप प्रदान किया है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है। पंडाल में भगवान विष्णु की नाभि से कमल पर प्रकट होते ब्रह्मा की पौराणिक छवि को भी दर्शाया गया है। धार्मिक मान्यताओं, कलात्मक शिल्प और अनूठी सजावट का यह संगम पंडाल को खास पहचान दे रहा है।
बाइट- राकेश कुमार, श्रद्धालु बाइट- मुकेश चौधरी, श्रद्धालु
अंतिम वीओ पौराणिक कथा, भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को समेटे रांची रेलवे स्टेशन का यह पूजा पंडाल दुर्गोत्सव के आकर्षण को बढ़ा रहा है। वामनावतार की कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, दान और आस्था का संदेश मिल भी रहा है।
रांची से सहयोगी सौरभ कुमार के साथ प्रणय प्रबोध की रिपोर्ट।