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रंजीतपुरवा की गलियों में 3 घंटे घूमे डायरेक्टर सुधीर मिश्रा:सेट पर डायलाग समझाए, कानपुर में इसबार नहीं खा पाए पसंदीदा शुक्ला का मलाई मक्खन

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 10 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
रंजीतपुरवा की गलियों में 3 घंटे घूमे डायरेक्टर सुधीर मिश्रा:सेट पर डायलाग समझाए, कानपुर में इसबार नहीं खा पाए पसंदीदा शुक्ला का मलाई मक्खन

कानपुर के धनकुट्टी के रंजीतपुरवा में ‘गांधी एंड माय मदर’ की शूटिंग के लिए सेट तैयार किया गया। डायरेक्टर सुधीर मिश्रा करीब तीन घंटे गलियों में घूमें। धनकुट्टी इलाके में बंगाली चाय का स्टॉल और सब्जी की दुकानें सजाई गईं। फिल्म में दंगे और आगजनी के दृश्य फिल्माने के लिए गैस सिलेंडर से पाइप जोड़कर विशेष व्यवस्था की गई।

कानपुर के कत्था वाला धर्मशाला में फिल्म की शूटिंग के आखिरी दिन प्रदर्शनकारियों के दृश्य फिल्माए गए। इसमें हाथों में काले झंडे लिए लोगों को प्रदर्शन करते और अंग्रेज पुलिस को प्रदर्शनकारियों को रोकते हुए दिखाया गया। शुक्रवार शाम छह बजे अभिनेता मनोज बाजपेयी और डायरेक्टर सुधीर मिश्रा की फिल्म की कानपुर के धनकुट्टी इलाके में तीसरे दिन की शूटिंग शुरू हुई।

शनिवार सुबह छह बजे तक फिल्म के सीन फिल्माए गए। तीसरे दिन भी मनोज बाजपेयी सेट पर नहीं पहुंचे। लाइन प्रोड्यूसर रिजवान अख्तर ने बताया कि मनोज बाजपेयी का सीन पहले दिन की शूटिंग के दौरान फिल्माया जाना था। आनंद बाग में भी एक सीन फिल्माया जाना था। एक सीन की तैयारी में लगे तीन घंटे, रंजीतपुरवा की गलियों में पहुंचे डायरेक्टर सुधीर मिश्रा धनकुट्टी के रंजीतपुरवा की गलियों में ‘गांधी एंड माय मदर’ के डायरेक्टर सुधीर मिश्रा खुद पहुंचे।

उन्होंने संकरी गलियों में घूमकर फिल्म के दृश्यों के लिए तैयार किए गए सेट का जायजा लिया। वह करीब तीन घंटे तक वहां रहे। इस दौरान वह असिस्टेंट डायरेक्टर से बातचीत करते और कलाकारों को उनके संवाद समझाते नजर आए। इसी लोकेशन पर रंजीतपुरवा की गलियों को पश्चिम बंगाल की गलियों जैसा रूप दिया गया।

इसके लिए बंगाली भाषा में लिखे बोर्ड लगाए गए। चाय के स्टॉल पर आगजनी का दृश्य फिल्माने के लिए गैस सिलेंडर से पाइप जोड़कर विशेष व्यवस्था की गई। बंगाल के इलाके जैसा माहौल तैयार करने के लिए गलियों में सब्जी की दुकानें भी सजाई गईं। सेट पर महिलाएं भी तैयार बैठी नजर आईं। फिल्म में दंगों से प्रभावित इलाकों में सब कुछ उजड़ जाने के बाद के हालात को दिखाया जाना था।

रात एक बजे के बाद रंजीतपुरवा की गलियों में फिल्म के दृश्य फिल्माए गए। डायरेक्टर को इस बार नहीं मिल सकी मलाई-मक्खन लाइन प्रोड्यूसर ने बताया कि डायरेक्टर सुधीर मिश्रा दूसरी बार कानपुर में शूटिंग के लिए आए हैं। सुधीर लखनऊ के रहने वाले हैं, इसलिए कानपुर में भी उनके कई दोस्त हैं। सुधीर को कानपुर के लाठी मोहल स्थित शुक्ला की मलाई-मक्खन बहुत पसंद है, लेकिन इस बार वह इसका स्वाद नहीं चख सके।

इसकी वजह यह है कि मलाई-मक्खन केवल सर्दियों में मिलता है। पिछली बार जब वह कानपुर में शूटिंग के लिए आए थे, तब रोज मलाई-मक्खन खाते थे। सुधीर को पसंद है कानपुर के खास होटल का खाना रिजवान अख्तर ने बताया कि सुधीर मिश्रा को कानपुर की सिविल लाइंस स्थित एक खास होटल का खाना बहुत पसंद है। कानपुर में शूटिंग के दौरान सेट पर इसी होटल से खाना मंगाया जाता है।

हालांकि, इस बार सुधीर ने वहां से केवल सलाद ही खाया। तीन दिन में तेजी से शूटिंग का काम पूरा करना और रात में शूटिंग करना, दोनों ही चुनौतीपूर्ण रहे। 3 दिन में 400 से ज्यादा जूनियर आर्टिस्ट ने किया काम रिजवान अख्तर ने बताया कि कानपुर में तीन दिन तक चली शूटिंग में 400 से ज्यादा जूनियर आर्टिस्ट ने काम किया।

इनमें कानपुर, लखनऊ और उन्नाव के कलाकार शामिल थे। उन्होंने बताया कि कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो केवल शौक के लिए फिल्मों की शूटिंग देखने या उसमें हिस्सा लेने पहुंचते हैं। पढ़िए, लाइन प्रोड्यूसर ने कानपुर में शूटिंग को लेकर क्या बताया लाइन प्रोड्यूसर मोहम्मद रिजवान ने बताया कि वह उन्नाव के रहने वाले हैं।

वह कानपुर में अब तक करीब 27 फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग करा चुके हैं। उन्होंने कई बड़े अभिनेताओं की फिल्मों की शूटिंग भी कराई है। अब तक वह कुल 38 फिल्मों की शूटिंग करा चुके हैं। लाइन प्रोड्यूसर शहर के कमलाटावर के रहने वाले नवल अग्रवाल ने बताया कि वह करीब 18 फिल्मों की शूटिंग करा चुके हैं।

इन सभी फिल्मों की शूटिंग कानपुर में हुई है। उन्होंने इसी शहर में वरुण धवन और अनिल कपूर जैसे अभिनेताओं के साथ शूटिंग के दौरान काम किया है। नवाजुद्दीन सिद्दीकी के डुप्लीकेट भी पहुंचे फिल्मों में मशहूर अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी के डुप्लीकेट के रूप में काम करने वाले शाहिद नवाज भी शूटिंग के दौरान पहुंचे।

उन्होंने बताया कि वह फिल्म की शूटिंग देखने और पुराने लोगों से मुलाकात करने आए हैं। शाहिद शहर के बेकनगंज इलाके में रहते हैं। कानपुर में शूट की गई फिल्म ‘रात अकेली है’ की कानपुर में हुई शूटिंग के दौरान भी वह काफी चर्चा में रहे थे।

📡 स्रोत: NewsData.io

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