व्यापार

Rapido का मालिक कौन है, किसने और कैसे की थी शुरूआत? नेटवर्थ जानें

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 19 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
Rapido का मालिक कौन है, किसने और कैसे की थी शुरूआत? नेटवर्थ जानें

Rapido News: भारत में बाइक टैक्सी और राइड बुकिंग की बात हो रही हो तो रैपिडो का नाम जरूर आता है. आज ये कंपनी देश के कई शहरों में लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने की सर्विस देती है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि रैपिडो की शुरुआत कैसे हुई और इसके पीछे कौन लोग हैं.

रैपिडो की शुरुआत साल 2015 में तीन दोस्तों अरविंद सांका, पवन गुंटुपल्ली और ऋषिकेश एसआर ने मिलकर की थी. कंपनी का संचालन Roppen Transportation Services Pvt. Ltd. के जरिए होता है. अरविंद सांका कंपनी के सह-संस्थापक होने के साथ रैपिडो के CEO भी हैं.

पहले आया आइडिया, फिर शुरू हुई बाइक टैक्सी

शुरुआत में तीनों ने लोगों को सफर की सर्विस देने के लिए कंपनी शुरू की. इसके बाद उन्होंने देखा कि शहरों में ट्रैफिक ज्यादा हो रहा है और लोगों को कम समय और कम खर्च में सफर करने के ऑप्शन की जरूरत है. इसी सोच के साथ बाइक टैक्सी का आइडिया सामने आया.

यह भी पढ़ें- Cab में सवारियों ने की जातिवादी टिप्पणी, Rapido ने ड्राइवर पर लगाया 100 साल का बैन

बाइक कार के मुकाबले कम खर्चीली होती है और ट्रैफिक में आसानी से निकल सकती है. इसी वजह से रैपिडो ने बाइक टैक्सी के जरिए लोगों को सफर कराने पर ध्यान दिया. धीरे-धीरे कंपनी का काम ज्यादा होता गया और रैपिडो लोगों के बीच पहचान बनाने लगी और फिर कार टैक्सी सर्विस पर फोकस दिया गया.

रैपिडो में किस-किस की हिस्सेदारी है

रैपिडो के संस्थापकों के अलावा कंपनी में कई बड़े इन्वेस्टर ने भी पैसा लगाया है. इनमें WestBridge Capital, Nexus Venture Partners जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं. इन इन्वेस्टर की हिस्सेदारी भी कंपनी में है.

रैपिडो का सालाना ऑपरेटिंग रेवेन्यू करीब 600 करोड़ से 700 कर

📡 स्रोत: ABP Live Vyapar

📰 पूरी खबर पढ़ें (ABP Live Vyapar पर जाएं)
J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।