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रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती को दें बढ़ावा: उपायुक्त

लेखक: AIR Shimla अंतिम अपडेट: 25 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति

अगस्त 25, मंडी (हिमाचल प्रदेश): उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने आज मंडी में धरती माता बचाओ निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों के बारे में जागरूक कर अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ने के प्रयास किए जाने चाहिए।

उपायुक्त उन्होंने कहा कि जिले में चिन्हित 100 ग्राम पंचायतों पर विशेष फोकस किया जाए। इन पंचायतों में किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं कम उपयोग तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

उन्होंने कहा कि जो प्रगतिशील किसान पहले से ही प्राकृतिक अथवा जैविक खेती कर रहे हैं, उन्हें आवश्यक प्रोत्साहन एवं सहयोग दिया जाना चाहिए, ताकि उनके सफल अनुभवों को अन्य किसानों तक पहुंचाया जा सके। इससे अधिक से अधिक किसान प्राकृतिक खेती की ओर आकर्षित होंगे और धरती की उर्वरा शक्ति तथा पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

उपायुक्त ने परियोजना निदेशक आत्मा तथा कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) मंडी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिन्हित पंचायतों में किसानों और आम लोगों को जागरूक करने के लिए अधिक से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं।

शिविरों में प्राकृतिक खेती की तकनीकों, जैविक खाद के उपयोग, मृदा स्वास्थ्य तथा रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाए। बैठक में पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखे। बैठक का संचालन उपनिदेशक कृषि राम चंद्र चौधरी ने किया।

उन्होंने जिला में धरती माता बचाओ अभियान के तहत चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों से समिति को अवगत करवाया।

बैठक में जिला कृषि अधिकारी गोपाल चंद, सोनल गुप्ता, डीपीडी आत्मा, ओम चंद वर्मा, जिला अंकेक्षक अधिकारी, इफको के एरिया मैनेजर रोहित ग्लोटिया सहित धरती माता बचाओ निगरानी समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

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