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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर दशहरा प्रदर्शनी का किया अवलोकन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 23 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर दशहरा प्रदर्शनी का किया अवलोकन

बस्तर, 23 अक्टूबर 2026

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं और सदियों पुरानी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। लालबाग मैदान में आयोजित प्रदर्शनी में बस्तर दशहरा की विभिन्न विधाओं, पारंपरिक पूजा-अनुष्ठानों, रथ निर्माण की विशिष्ट तकनीक, देवी-देवताओं की आराधना, जनजातीय समुदायों की भागीदारी और ऐतिहासिक परंपराओं को आकर्षक चित्रों एवं विस्तृत विवरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।

लगभग 75 दिनों तक चलने वाला बस्तर दशहरा देश के अन्य स्थानों पर मनाए जाने वाले दशहरा उत्सवों से अलग अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। यह दशहरा मुख्य रूप से आराध्य देवी मां दंतेश्वरी और क्षेत्रीय देवी-देवताओं की आराधना तथा लोक परंपराओं से जुड़ा हुआ है।

प्रदर्शनी में बस्तर दशहरा के प्रारंभ से समापन तक संपन्न होने वाले प्रमुख अनुष्ठानों को क्रमबद्ध रूप से दर्शाया गया। इसमें पाट जात्रा, डेरी गड़ाई, बारसी उतरानी, नार फोड़नी, रथ निर्माण, काछिन गादी, कलश स्थापना, जोगी बिठाई, फूल रथ परिक्रमा, बेल निवता, निशा जात्रा, मावली परघाव, भीतर रैनी, बाहर रैनी, मुरिया दरबार तथा कुटुम्ब जात्रा जैसी विशिष्ट परंपराओं का समावेश किया गया।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।