राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बिलासपुर एम्स के पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित किया
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने डॉक्टरों से सेवा और करुणा की भावना के साथ चिकित्सा क्षेत्र में काम करने का आह्वान किया है। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान - एम्स के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि डॉक्टरों को ऐसा आचरण करना चाहिए जिससे संस्थान की प्रतिष्ठा बढ़े और आने वाली पीढ़ियां उनके उदाहरण का अनुसरण करने के लिए प्रेरित हों।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए, प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना एक बहुआयामी चुनौती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के प्रयासों और दृढ़ संकल्प से इस चुनौती का समाधान किया जा सकता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई आयुष्मान योजना मरीजों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। इससे पहले, राष्ट्रपति ने संस्थान के मेधावी छात्रों को पदक और उपाधियां प्रदान कीं।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बिलासपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान – एम्स के प्रथम दीक्षांत समारोह में संबोधन किया, जहाँ उन्होंने डॉक्टरों से सेवा और करुणा के साथ चिकित्सा क्षेत्र में कार्य करने का आह्वान किया। यह विषय आयुर्वेद और समग्र चिकित्सा के क्षेत्र में नई पीढ़ी के चिकित्सकों के लिए मार्गदर्शन का है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत के उच्चतम पदाधिकारी की ओर से आयुर्वेदिक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे आयुर्वेद की विश्वसनीयता बढ़ती है।