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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा -केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 24 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा -केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त

रायपुर, 24 अक्टूबर 2026

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है और अब प्रगति के पथ पर अग्रसर है। जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित ‘बस्तर दशहरा महोत्सव 2026’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आदिवासी समुदाय के युवा देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से योगदान देंगे।

राष्ट्रपति ने आदिवासी उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने और उन्हें बाजारों से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से समान विकास के माध्यम से 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

राष्ट्रपति ने लोगों से अपने क्षेत्र के जंगलों और पहाड़ियों की रक्षा करने का आग्रह किया। उन्‍होंने कहा कि ये प्राकृतिक संसाधन भोजन, पानी और जीवन के लिए अन्य आवश्यक वस्तुएं प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा करना प्रत्येक समुदाय का प्राथमिक दायित्व होना चाहिए।

राष्ट्रपति ने कहा कि बस्तर दशहरा महोत्सव पूरे क्षेत्र के आदिवासी समुदायों को एक साथ लाता है। उन्होंने पारंपरिक मुरिया दरबार को लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतिबिंब बताया, जहां लोग अपनी चिंताओं और शिकायतों को अपने नेताओं के सामने रखते हैं।

इससे पहले दिन में राष्ट्रपति ने जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की। बाद में वे विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा उत्सव से जुड़े एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम, सिरहासर भवन में आयोजित पारंपरिक मुरिया दरबार में शामिल हुईं। इस दौरान राष्ट्रपति ने स्थानीय आदिवासी नेताओं, पुजारियों और मांझी और चाल्की सहित पारंपरिक समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी चिंताओं को सुना।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।