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'राष्ट्रपति ट्रंप ने मिट्टी में मिला दिया ईरान का परमाणु कार्यक्रम', बेसेंट का दावा- तेहरान पर होगा सबसे बड़ा आर्थिक हमला

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 24 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
'राष्ट्रपति ट्रंप ने मिट्टी में मिला दिया ईरान का परमाणु कार्यक्रम', बेसेंट का दावा- तेहरान पर होगा सबसे बड़ा आर्थिक हमला

US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता नहीं हो पाया. ऐसे में अब वाशिंगटन ने तेहरान के खिलाफ आर्थिक जंग शुरू कर दी है. दरअसल, अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ईरान के खिलाफ नए कड़े प्रतिबंध लगाने के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा है कि अमेरिकी प्रशासन अब ईरान की आर्थिक नाकेबंदी शुरू करने जा रहा है.

बेसेंट का यह दावा इस बात की ओर इशारा करता है कि अब अमेरिका, ईरान के खिलाफ सिर्फ सैन्य कार्रवाई ही नहीं करेगा बल्कि अब वह तेहरान के खिलाफ एक अभूतपूर्व आर्थिक और रणनीतिक युद्ध की शुरुआत करने जा रहा है. क्या बोले स्कॉट बेसेंट? अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया.

जिसमें उन्होंने लिखा, "राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को नष्ट कर दिया है, उसके लगभग सभी सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है और उसके परमाणु कार्यक्रम को मिट्टी में मिला दिया है. अब हम अंतिम चरण में प्रवेश कर रहे हैं.

सुबह होते ही एक आर्थिक क्रांति शुरू हो रही है, यह किसी दुश्मन के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय हमला होगा." President Trump has dismantled Iran’s military capabilities, destroyed nearly 100 percent of its military factories, and buried its nuclear program. We are now entering the endgame.

At dawn begins an economic D-Day — the single greatest financial offensive ever marshaled against... — Treasury Secretary Scott Bessent (@SecScottBessent) August 23, 2026 इसके साथ ही उन्होंने कहा, "जो लोग तेहरान को चुनौती देने के खतरे से घबराते हैं, उन्हें वाशिंगटन को चुनौती देने की कीमत को कम नहीं आंकना चाहिए.

राष्ट्रपति ट्रंप ने हर उस एजेंसी, हर उस अधिकार और कार्रवाई का इस्तेमाल करने के लिए परिस्थितियां पैदा कर दी हैं, जिसके बारे में कई लोगों ने सोचा था कि हम कभी नहीं करेंगे.

हमारा मकसद उस जालिम शासन को सहारा देने वाली हर आर्थिक जीवन-रेखा को खत्म करना है, ताकि तेहरान अकेला पड़ जाए." ईरान ने दी तेल निर्यात रोकने की धमकी दी इस बीच ईरान ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिका उस काम को जारी रखता है जिसे तेहरान "आर्थिक युद्ध" कहता है, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी के अन्य हिस्सों से तेल का सारा निर्यात रोक सकता है.

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसेन रेजाई ने सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट में यह चेतावनी दी. उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान, ईरान के खिलाफ अमेरिका के आर्थिक अभियान का समर्थन करने या उसमें शामिल होने वाले किसी भी देश के काम को "युद्ध की कार्रवाई" मानेगा.

रेजाई ने कहा, "अगर आर्थिक युद्ध जारी रहता है, तो तेल की एक बूंद भी एक्सपोर्ट नहीं की जाएगी- न तो होर्मुज जलडमरूमध्य से और न ही फारस की खाड़ी में कहीं से.

ईरान, ईरानी लोगों के खिलाफ अमेरिका के आर्थिक युद्ध में किसी भी देश की भागीदारी या समर्थन को युद्ध की कार्रवाई मानेगा." उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान पर और कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की अमेरिका की योजनाओं को लेकर वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव बढ़ रहा है.

ये भी पढ़ें: लिस्बन पहुंचा आईएनएस सुदर्शिनी, दुनिया को दे रहा है दोस्ती का संदेश ईरान ने अमेरिका की पाबंदियों की योजना का उड़ाया मजाक वहीं ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने रविवार को ट्रंप की ओर से पाबंदियां लगाने की नई धमकी की आलोचना की.

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कड़े आर्थिक प्रतिबंधों का नतीजा आखिर में उल्टा भी हो सकता है. उन्होंने एक्स पर लिखा, "मीट की कीमतें ठीक करने के लिए फ्रोजन मीट का आयात? ठीक है, शायद यह काम कर जाए. बॉन्ड के लिए क्या योजना है, क्या फ्रोजन यील्ड (रिटर्न) का आयात करेंगे? घरों के लिए फ्रोजन होमबायर? वेतन के लिए फ्रोजन पेचेक?

फ्रोजन विदेश नीति से फ्रोज़ अर्थव्यवस्था ही मिलती है. बस एक ही चीज है जो अभी भी चल रही है? ईरान का बूमरैंग." ये भी पढ़ें: पाकिस्तानी सरकार की मदद से तैयार हुआ मसूद अजहर का मरकज, Operation Sindoor में इंडियन आर्मी ने बहावलपुर में किया था तबाह

📡 स्रोत: NewsData.io

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