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राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष ने की बैठक, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष ने की बैठक, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

28 सितम्बर 2026, देहरादून: राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने कहा कि सफाई कर्मचारी एवं पर्यावरण मित्र शहरों और समाज को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके सम्मान, सुरक्षा एवं अधिकारों की रक्षा करना प्रशासन और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

देहरादून में सफाई कर्मचारियों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों को केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

अध्यक्ष ने National Action for Mechanised Sanitation Ecosystem (NAMASTE) योजना से अधिक से अधिक पर्यावरण मित्रों को जोड़ने के निर्देश देते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल सफाई कार्य को सुरक्षित बनाना ही नहीं, बल्कि सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों को सामाजिक व आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है।

बैठक में भगवत प्रसाद मकवाना ने संबंधित विभागों को कर्मियों की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक व मशीनों का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने आधुनिक मशीनों, रोबोटिक तकनीक तथा अन्य यांत्रिक संसाधनों का उपयोग बढ़ाए जाने की बात कही, ताकि पर्यावरण मित्रों को किसी प्रकार का जोखिम न रहे।

मकवाना ने पर्यावरण मित्रों का वेतन बढ़ाने के प्रस्ताव को शासन को भेजने और न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों का वेतन समय से उपलब्ध होना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने सफाई कर्मचारियों को जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाओं से जोड़ने के भी निर्देश दिए।

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कैप्शन- राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष ने की समीक्षा बैठक

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।