व्यापार

रसोई गैस पर सरकार का बड़ा फैसला, कंपनियों के लिए कोटा तय

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 16 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
रसोई गैस पर सरकार का बड़ा फैसला, कंपनियों के लिए कोटा तय

LPG: देश में रसोई गैस की सप्लाई को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने पहली बार अलग-अलग रिफाइनरियों और अपस्ट्रीम कंपनियों के लिए एसपीजी प्रोडक्शन ज्यादा से ज्यादा करने का टार्गेट तय कर दिया है. इस फैसले का मकसद देश में घरेलू एसपीजी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और आयात पर निर्भरता से पैदा होने वाले जोखिम को कम करना है.

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से 13 अगस्त 2026 को जारी आदेश के मुताबिक, देश की 21 रिफाइनरियों और अपस्ट्रीम कंपनियों के लिए एसपीजी प्रोडक्शन की सीमा तय की गई है. इन सभी कंपनियों की टोटल प्रोडक्शन क्षमता 63,810 टन प्रतिदिन रखी गई है. यह FY26 में भारत के घरेलू एसपीजी प्रोडक्शन से दोगुने से भी ज्यादा है और देश की रोजाना खपत का करीब 70 फीसदी है.

रियायंस को मिला सबसे बड़ा कोटा

सरकार की ओर से तय किए गए टार्गेट में रियायंस इंडस्ट्रीज को सबसे बड़ा हिस्सा मिला है. कंपनी की जामनगर स्थित घरेलू बाजार के लिए काम करने वाली DTA रिफाइनरी को रोजाना 18,000 टन एसपीजी प्रोडक्शन का टार्गेट दिया गया है. वहीं, रूस की रोसनेफ्ट समर्थित नायरा एनर्जी की वाडीनार रिफाइनरी को रोजाना 4,480 टन एसपीजी प्रोडक्शन का टार्गेट मिला है. इसके अलावा प्राकृतिक गैस से एसपीजी निकालने वाली ओएनजीसी और गेल को कुल 6,460 टन प्रतिदिन का टार्गेट दिया गया है.

E20 Petrol से कम माइलेज? सरकार ने बताया असली कारण, इन चीजों से बढ़ सकता है खर्च

प्रोडक्शन बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी?

इस फैसले के पीछे भारत की एसपीजी आयात पर भारी निर्भरता एक बड़ी वजह है. FY26 में भारत ने करीब 3.32 करोड़ टन एसपीजी की खपत की, यानी औसतन करीब 91,000 टन प्रतिदिन. इसमें घरेलू प्रोडक्शन लगभग 1.31 करोड़ टन सालाना था, जबकि करीब 2.13 करोड़ टन एसपीजी आयात किया गया. यानी भारत अपनी एसपीजी जरूरत का 6

📡 स्रोत: ABP Live Vyapar

📰 पूरी खबर पढ़ें (ABP Live Vyapar पर जाएं)
J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।