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रात 3 बजे लगे ब्रेक और खत्म 100 जिंदगियां! बालाघाट रेल हादसे की वो कहानी, जिसे याद कर आज भी सिहर उठते हैं लोग

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 28 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
रात 3 बजे लगे ब्रेक और खत्म 100 जिंदगियां! बालाघाट रेल हादसे की वो कहानी, जिसे याद कर आज भी सिहर उठते हैं लोग

Balaghat Train Accident: 1901 में बालाघाट में पहली बार ट्रेन की शुरुआत हुई थी. नैरोगेज ट्रेन, जिसे छुक-छुक ट्रेन के नाम से भी जाना जाता था.

सालों तक जबलपुर से बालाघाट होते हुए महाराष्ट्र के गोंदिया तक जाने वाली ट्रेन स्थानीय लोगों के सफर का भरोसेमंद साथी बन चुकी थी. महाकौशल से विदर्भ के बीच एक लाइफ लाइन थी. लेकिन एक अंधेरी रात थी, भयंकर बारिश हो रही थी.

📡 स्रोत: News18 Hindi MP

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