रतलाम : प्रमुख सचिव जेल विभाग श्री मुकेश चन्द गुप्ता ने किया सर्किल जेल का आकस्मिक निरीक्षण
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प्रमुख सचिव जेल विभाग श्री मुकेश चन्द गुप्ता ने किया सर्किल जेल रतलाम का आकस्मिक निरीक्षण
सुरक्षा व्यवस्था से लेकर स्वास्थ्य, भोजन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और बंदी सुविधाओं का लिया जायजा
जेल विभाग के प्रमुख सचिव श्री मुकेश चन्द गुप्ता ने गुरुवार को सर्किल जेल रतलाम का आकस्मिक निरीक्षण कर जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने जेल प्रशासन को व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन तथा बंदियों की आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने जेल के मुख्य द्वार की सुरक्षा व्यवस्था एवं सीसीटीवी कंट्रोल रूम का अवलोकन किया। इसके साथ ही जेल अस्पताल एवं नशामुक्ति वार्ड का भ्रमण कर बीमार बंदियों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने जेल चिकित्सक से बंदियों को उपलब्ध कराए जा रहे उपचार एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी लेने के साथ अस्पताल में उपलब्ध औषधियों का भी निरीक्षण किया।
श्री गुप्ता ने जेल में निरुद्ध बंदियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालयीन पेशी की व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने बंदियों के लिए संचालित इनकमिंग टेलीफोन बूथ एवं मुलाकात सुविधा के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।
प्रमुख सचिव ने जेल स्कूल एवं लाइब्रेरी का निरीक्षण करते हुए बंदियों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक एवं पठन-पाठन संबंधी सुविधाओं का जायजा लिया। जेल लाइब्रेरी में उपलब्ध धार्मिक पुस्तकों का अवलोकन कर उन्होंने इस व्यवस्था पर प्रसन्नता व्यक्त की।
निरीक्षण के दौरान श्री गुप्ता ने पुरुष बंदी वार्ड एवं महिला वार्ड का भ्रमण कर बंदियों से सीधे संवाद किया तथा उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने बंदियों को उनकी समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया।
निरीक्षण के अंत में प्रमुख सचिव जेल विभाग श्री मुकेश चन्द गुप्ता ने सर्किल जेल रतलाम में विराजित श्री गणेश जी की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर सर्किल जेल रतलाम के अधीक्षक श्री लक्ष्मण सिंह भदौरिया सहित जेल विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
रतलाम सर्किल जेल का आकस्मिक निरीक्षण प्रमुख सचिव जेल विभाग मुकेश चन्द गुप्ता द्वारा किया गया। यह निरीक्षण जेल की सुरक्षा, स्वास्थ्य, भोजन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और बंदी सुविधाओं पर केंद्रित था। यह कदम इस बात का संकेत है कि जेल प्रशासन लगातार सुधार के लिए सक्रिय है। निरीक्षण से यह पता चलता है कि बंदियों को बेहतर सुविधाएँ मिल रही हैं और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है। इससे आम जनता को यह भरोसा मिलता है कि जेलों में मानवाधिकारों का पालन हो रहा है और दण्ड प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहती है।
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
जेल निरीक्षण से यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ-साथ बंदियों को पुनर्वास की दिशा में भी कदम उठाने चाहिए। यदि कोई अपराध करता है, तो उसे न्यायालय के माध्यम से जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, परंतु साथ ही उसकी समाज में पुनः प्रवेश की तैयारी भी ज़रूरी है। समाज को हिंसा के बजाय संवाद, शिक्षा और रोजगार के अवसरों से प्रेरित करना चाहिए, ताकि हर व्यक्ति को सुधार का मार्ग मिले।