रौनाहीटोल फायरिंग कांड में तहरीर से अलग जांच:सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, सीओ बोले- खुलासा जल्द होगा
अयोध्या जिले रौनाही टोल प्लाजा फायरिंग कांड की जांच में पुलिस अब घटना के वास्तविक क्रम को सामने लाने में जुटी है।एसएसपी के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसओजी, सर्विलांस समेत कई पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
पुलिस टोल प्लाजा के साथ हाईवे किनारे स्थित होटल और दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।शुक्रवार28अगस्त को सीओ प्रतीक कुमार ने बताया कि घटना का जल्द खुलासा किया जाएगा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक,जांच घायल युवक के भाई की ओर से दी गई तहरीर में बताए गए घटनाक्रम से अलग दिशा में भी जा सकती है।
पुलिस यह पता लगा रही है कि घटना के समय मौके पर कौन-कौन से वाहन मौजूद थे और विवाद फायरिंग तक कैसे पहुंचा। बताया गया कि मंगलवार रात करीब दो बजे लखनऊ की ओर से अयोध्या जा रही काले रंग की थार रौनाही टोल प्लाजा पहुंची।टोल टैक्स को लेकर विवाद के बाद थार सवारों पर बैरियर तोड़कर निकलने का आरोप है।
इसके बाद टोल कर्मियों ने वाहन का पीछा किया। टोल से करीब सौ मीटर आगे विवाद बढ़ा और तीन राउंड फायरिंग हुई। इसमें रौनाही निवासी 28 वर्षीय सूफियान के पेट में गोली लगी।लखनऊ के अस्पताल में ऑपरेशन के बाद गोली निकाल दी गई। घायल के भाई मो. शादाब की तहरीर में थार के साथ स्कार्पियो-एन का भी उल्लेख है।
तहरीर के अनुसार, स्कार्पियो-एन से पहुंचे लोगों का टोल कर्मियों से विवाद हुआ और सूफियान ने बीच-बचाव का प्रयास किया। आरोप है कि सात-आठ लोगों ने उसे वाहन में बैठाने की कोशिश की और भागने के दौरान गोली मार दी।
पुलिस अब दोनों वाहनों की मौजूदगी और भूमिका की जांच कर रही है।वहीं,घटना की सूचना कई घंटे बाद पुलिस को मिलने और टोल प्रबंधन की ओर से तत्काल शिकायत न किए जाने के पहलू की भी जांच हो सकती है।
टोल के आसपास देर रात संचालित होटल-दुकानों और फाइनेंस वाहनों से कथित वसूली करने वालों की गतिविधियां भी चर्चा में हैं।हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी,अन्य साक्ष्यों और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
📡 स्रोत: NewsData.io