रायबरेली में उपद्रवी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने जा रहे अखिलेश:अम्बेडकरनगर में ओपी राजभर बोले- सवर्णों पर आपत्तिजनक बयान देते हैं
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →अंबेडकरनगर पहुंचे प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के रायबरेली से रथ यात्रा शुरू करने को लेकर निशाना साधा। गुरुवार को उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव रायबरेली अपने उपद्रवी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने जा रहे हैं।
राजभर ने हाल ही में रायबरेली में सपा जिलाध्यक्ष और पुलिस अधिकारी के बीच हुए विवाद का भी जिक्र किया। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा के लोग अधिकारियों से अभद्रता और टकराव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों का मनोबल बढ़ाने के लिए अखिलेश यादव का रायबरेली जाना उनके लिए नुकसानदायक साबित होगा।
उन्होंने सपा नेताओं के बयानों और पार्टी के कार्यक्रमों में मंच की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। ओम प्रकाश राजभर ने रायबरेली में सपा जिलाध्यक्ष और पुलिस अधिकारी के बीच हुए विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि सपा कार्यकर्ताओं की ओर से अधिकारियों से टकराव किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के व्यवहार से प्रशासन के साथ विवाद की स्थिति बन रही है।
रायबरेली के इसी विवाद में ‘चूड़ी पहनने’ जैसी टिप्पणी सामने आने की बात भी कही गई थी। राजभर ने सपा नेताओं के भाषणों और बयानों को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इनमें सवर्ण समाज को लेकर आपत्तिजनक बातें कही जा रही हैं। सपा नेताओं के बयानों और मंच व्यवस्था पर भी सवाल राजभर ने दावा किया कि सपा के कुछ नेता सरकार बनने पर सवर्णों का पता नहीं चलने जैसी बातें कह रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से समाज में गलत संदेश जाता है। हालांकि, यह राजभर की ओर से किया गया दावा है। उन्होंने सपा के एक कार्यक्रम की मंच व्यवस्था का भी जिक्र किया। राजभर ने कहा कि मंच पर शिवपाल यादव और उनकी टीम बैठी थी, जबकि क्षेत्र के दो सांसद भीड़ के बीच कुर्सियों पर बैठे दिखाई दिए।
उन्होंने इसे सपा की अंदरूनी स्थिति का उदाहरण बताया। अखिलेश के धार्मिक दौरों को लेकर भी की टिप्पणी ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के धार्मिक स्थलों के दौरों को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव अब तक अयोध्या में भगवान राम के दर्शन करने नहीं गए हैं। राजभर ने कहा कि भगवान राम के भक्त हनुमान जी हैं और सवाल उठाया कि जो व्यक्ति भगवान राम के दर्शन करने नहीं गया, उसे हनुमान जी का आशीर्वाद कैसे मिलेगा।
उन्होंने इसी बात को अपने राजनीतिक तर्क से जोड़ते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। रामायण का प्रसंग सुनाकर दिया राजनीतिक संदर्भ राजभर ने अपने बयान में रामायण का प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने कहा कि लंका में हनुमान जी की मुलाकात विभीषण से हुई थी। विभीषण के ‘राम-राम’ कहने पर हनुमान जी ने उन्हें आशीर्वाद दिया और बाद में विभीषण लंका के राजा बने।
इसी प्रसंग का संदर्भ देते हुए राजभर ने कहा कि भगवान राम के दर्शन किए बिना राजनीतिक सफलता के लिए आशीर्वाद की उम्मीद करना उचित नहीं है। उनका यह बयान अखिलेश यादव के रायबरेली दौरे और धार्मिक स्थलों से जुड़े उनके राजनीतिक हमले के संदर्भ में आया।
📡 स्रोत: NewsData.io