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रायपुर में किराएदारों-घरेलू कर्मचारियों का वेरिफिकेशन अब घर बैठे:पुलिस के ‘समाधान ऐप’ से मिनटों में पूरी होगी प्रक्रिया;थानों के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 16 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
रायपुर में किराएदारों-घरेलू कर्मचारियों का वेरिफिकेशन अब घर बैठे:पुलिस के ‘समाधान ऐप’ से मिनटों में पूरी होगी प्रक्रिया;थानों के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत

राजधानी रायपुर में किराएदारों और घरेलू सहायकों का वेरिफिकेशन अब पहले से आसान हो गया है। मकान मालिकों को सत्यापन के लिए थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। छत्तीसगढ़ पुलिस ने वेरिफिकेशन प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए ‘समाधान ऐप’ शुरू किया है। इस ऐप के जरिए मकान मालिक घर बैठे ही किराएदारों और घरेलू सहायकों का सत्यापन करा सकेंगे। केस स्टडी से समझे वेरिफिकेशन जरूरी क्यों ? केस-1: रसोइया ने 70 लाख रुपए चुराए मोवा निवासी कारोबारी पंकज अग्रवाल ने बिहार निवासी महेंद्र कुमार यादव को घर में कुक की नौकरी पर रखा था। 26 जुलाई को कारोबारी परिवार के साथ बाहर घूमने गए थे। इसी दौरान आरोपी महेंद्र अपने साथी के साथ घर में रखे 70 लाख रुपए लेकर फरार हो गया। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। केस:1- रसोइया ने 70 लाख चुराए मोवा निवासी कारोबारी पंकज अग्रवाल ने बिहार के रहने वाले युवक महेंद्र कुमार यादव को कुक की नौकरी की थी। 26 जुलाई को कारोबारी अपने परिवार के साथ घूमने गया तो आरोपी घर में रखे 70 लाख रुपए अपने साथी के साथ लेकर फरार हो गया। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया। केस-2: हत्या का आरोपी बावर्ची बनकर अफसर के घर छिपा था 2022 में रायपुर में आईएएस अफसर के घर से बिहार में बिजनेसमैन की हत्या के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपी ने खुद को बेरोजगार बताकर अफसर के घर कुक की नौकरी कर ली थी। तकनीकी जांच के आधार पर बिहार पुलिस ने रायपुर पुलिस से संपर्क किया। जांच में आरोपी की पहचान होने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण पुलिस ने आईएएस अफसर का नाम सार्वजनिक नहीं किया था। सुरक्षा के लिहाज से सत्यापन जरूरी पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बदलती जीवनशैली और तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण बड़ी संख्या में लोग किराए के मकानों में रह रहे हैं। इसके अलावा घरेलू सहायकों, ड्राइवरों, केयरटेकर और अन्य कर्मचारियों को भी लोग अपने घरों और संस्थानों में काम पर रख रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से उनका सत्यापन बेहद जरूरी है। कई मामलों में देखा गया है कि किराएदारों और घरेलू कर्मचारियों का सत्यापन नहीं होने के कारण आपराधिक घटनाओं की जांच प्रभावित होती है। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस ने लोगों को आसान और सुरक्षित सुविधा उपलब्ध कराने के लिए समाधान ऐप तैयार किया है। इस तरह से कर सकेंगे आवेदन समाधान ऐप के माध्यम से मकान मालिक किराएदारों और घरेलू कर्मचारियों की जरूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित व्यक्ति का नाम, पता और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी अपलोड करनी होगी। इसके बाद पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अब नहीं लगाना पड़ेगा थानों के चक्कर पुलिस का कहना है कि पहले सत्यापन के लिए लोगों को थाने जाकर आवेदन देना पड़ता था, जिससे समय भी अधिक लगता था। अब मोबाइल के जरिए कुछ ही मिनटों में पूरी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इससे लोगों को कानूनी परेशानियों से भी राहत मिलेगी। अनिवार्य रूप से सत्यापन कराएं पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों में रहने वाले सभी किराएदारों और काम करने वाले कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से सत्यापन कराएं। इससे न केवल अपराधों की रोकथाम में मदद मिलेगी, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस को जांच करने में भी आसानी होगी। रायपुर पुलिस की यह पहल डिजिटल पुलिसिंग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। परिवार की सुरक्षा के लिए सत्यापन जरूरी पुलिस उपायुक्त दीपमाला कश्यप ने बताया कि समाधान ऐप की मदद से आसानी से किराएदारों-कर्मचारियों का सत्यापन आसानी से कराया जा सकता है। परिवार की सुरक्षा की दृष्टि से सत्यापन बेहद जरूरी है। दूसरे राज्यों में अपराध करके रायपुर में छिपने वाले आरोपियों की पहचान इस प्रक्रिया से आसानी से हो सकती है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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