रायसेन जेल में प्रहरी की बहादुरी:कमर में गोली लगने के बाद भी 5 मिनट तक आरोपी से भिड़े, अब हथियार पहुंचने की होगी जांच
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →रायसेन जिला जेल में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब हत्या के मामले में बंद विचाराधीन आरोपी निलेश ठाकुर ने जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर को गोली मार दी। आरोपी देसी कट्टा लेकर जेल के गेट तक पहुंच गया था और प्रहरी से मुख्य गेट खोलने के लिए चाबी मांग रहा था।
चाबी देने से इनकार करने पर दोनों के बीच झूमाझटकी हुई और इसी दौरान आरोपी ने गोली चला दी। गोली प्रहरी की कमर में लगी। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद दिग्विजय सिंह ने आरोपी को नहीं छोड़ा और करीब 5 मिनट तक उससे संघर्ष करते हुए पकड़े रखा। गोली की आवाज सुनकर जेल के अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़ लिया।
घायल प्रहरी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में उसे भोपाल रेफर किया गया। चाबी नहीं देने पर हुई झूमाझटकी, फिर चला कट्टा घटना बुधवार सुबह करीब 9 बजे की है। जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर मुख्य गेट पर ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान हत्या के मामले में बंद निलेश ठाकुर देसी कट्टा लेकर गेट तक पहुंच गया।
आरोपी ने कट्टे की नोक पर प्रहरी को धमकाते हुए मुख्य गेट खोलने और चाबी देने की मांग की। प्रहरी ने चाबी देने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों के बीच करीब 10 से 15 सेकंड तक झूमाझटकी हुई। इसी दौरान निलेश ने फायर कर दिया। गोली दिग्विजय सिंह की कमर में लगी। इसके बावजूद उन्होंने आरोपी को भागने नहीं दिया और उसे पकड़े रखा।
करीब 5 मिनट तक दोनों के बीच संघर्ष चलता रहा। बाद में जेल के अन्य कर्मचारियों ने पहुंचकर आरोपी को दबोच लिया। गोली लगने के बाद भी आरोपी को नहीं छोड़ा घटना में जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह की बहादुरी सामने आई है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने आरोपी को भागने का मौका नहीं दिया।
यदि प्रहरी आरोपी को पकड़े नहीं रखते तो वह मुख्य गेट तक पहुंचकर फरार होने की कोशिश कर सकता था। प्रेमिका के विवाद में युवक को मारी थी गोली निलेश ठाकुर पहले से ही हत्या के मामले में जिला जेल में बंद था। पुलिस के मुताबिक 23 अक्टूबर 2025 को उसने रायसेन के वार्ड-11 पटेल नगर निवासी नेपाल सिंह धाकड़ को गोली मारी थी।
बताया गया कि निलेश का एक युवती से संबंध था। नेपाल सिंह का भी युवती के घर आना-जाना था। इसी बात को लेकर निलेश ने उसे चेतावनी दी थी। इसके बाद उसने नेपाल सिंह के गुप्तांग में गोली मार दी। गंभीर हालत में उसे भोपाल रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस मामले में कोतवाली पुलिस ने निलेश के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। जेल में कट्टा पहुंचने पर उठे गंभीर सवाल इस घटना ने जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 20 फीट से ज्यादा ऊंची दीवार और सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद आरोपी के पास देसी कट्टा कैसे पहुंचा?
यह अब जांच का अहम बिंदु है। आशंका जताई जा रही है कि हथियार जेल की दीवार के बाहर से किसी व्यक्ति के जरिए अंदर पहुंचाया गया हो, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस यह पता लगाएगी कि कट्टा आरोपी तक कब और कैसे पहुंचा और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
कट्टे में थी एक गोली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी के पास मिले देसी कट्टे में एक ही गोली थी। इसी गोली से उसने जेल प्रहरी पर फायर किया। अब पुलिस आरोपी से हथियार के स्रोत और घटना में संभावित सहयोगियों को लेकर पूछताछ करेगी।
न्यायालय की अनुमति के बाद पुलिस लेगी हिरासत में रायसेन एसपी आशुतोष गुप्ता ने बताया कि निलेश ठाकुर पहले से हत्या के मामले में जेल में बंद था। उसने जेल प्रहरी पर गोली चलाई है और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एसपी के अनुसार, न्यायालय से अनुमति लेकर आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में लिया जाएगा।
उसके पास से हथियार की जब्ती और पूछताछ की जाएगी। एसडीओपी प्रतिभा शर्मा ने भी बताया कि अनुमति मिलने के बाद कोतवाली पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने की प्रक्रिया करेगी। अब जेल की सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के घेरे में घटना की जांच अब सिर्फ गोली चलाने वाले आरोपी तक सीमित नहीं रहेगी।
जेल में हथियार पहुंचने का रास्ता, सुरक्षा में संभावित चूक, आरोपी तक कट्टा पहुंचाने वाले व्यक्ति और घटना से पहले उसकी गतिविधियों की भी जांच की जाएगी। हत्या के मामले में बंद आरोपी का देसी कट्टे के साथ जेल गेट तक पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा सवाल है।
अब जांच से ही स्पष्ट होगा कि हथियार कहां से आया और जेल के भीतर इसे पहुंचाने में किसकी भूमिका रही। यह खबर भी पढ़ें कैदी ने जेलप्रहरी को गोली मारी, पसली में फंसी बुलेट रायसेन जिला जेल में बुधवार (2 सितंबर) सुबह करीब 9 बजे हत्या के मामले में विचाराधीन कैदी ने जेल प्रहरी को गोली मार दी।
गोली कमर के नीचे लगी और शरीर के अंदर घुस गई। जेल कर्मचारियों ने घायल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर को जिला अस्पताल पहुंचाया। पूरी खबर पढ़ें...
📡 स्रोत: NewsData.io