RBI के नए Executive Director बने सुधाकर मल्ली, संभालेंगे ये जिम्मेदारियां
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RBI यानी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है.
केंद्रीय बैंक ने हाल ही में अपने सुधाकर मल्ली को नया एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (ED) नियुक्त किया है. उनकी नियुक्ति 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गई है. अब वो केंद्रीय बैंक में निगरानी का काम देखेंगे.
RBI के मुताबिक, ED बनने से पहले सुधाकर मल्ली डिपार्टमेंट ऑफ सुपरविजन में मुख्य महाप्रबंधक- प्रभारी के पद पर काम कर रहे थे.
क्या जिम्मेदारी संभालेंगे मल्ली?
सुधार मल्ली अब रिजर्व बैंक में डिपार्टमेंट ऑफ सुपरविजन के सुपरवाइजरी असेसमेंट से जुड़े काम देखेंगे.
ये विभाग सेंट्रल बैंक से जुड़े तमाम बैंकों और दूसरी वित्तीय संस्थाओं की निगरानी करता है और ये देखता है कि वो नियमों का सही तरीके से पालन कर रहे हैं या नहीं. इस निगरानी की जिम्मेदारी अब सुधाकर मल्ली की होगी.
कौन हैं सुधाकर मल्ली? सुधाकर मल्ली को केंद्रीय बैंकिंग सेक्टर में करीब तीन दशक का अनुभव है.
उन्होंने 20 साल से ज्यादा समय तक बैंकों, NBFC और सहकारी बैंकों की निगरानी से जुड़े अलग-अलग काम किए हैं. इसके अलावा, उन्हें विदेशों में भी करीब 5 साल का सुपरविजन से जुड़ा अनुभव है.
उन्होंने RBI के करेंसी मैनेजमेंट विभाग में भी काम किया है.
बात करें उनकी पढ़ाई- लिखाई के बारे में तो, सुधाकर मल्ली ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में BTech किया है.
वो CAIIB के प्रमाणित एसोसिएट भी हैं.
अहम है सुधाकर मल्ली की नियुक्ति?
बैंकिंग और वित्तीय संस्थाओं की निगरानी में लंबे अनुभव को देखते हुए सुधाकर मल्ली की नई जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
उनके अनुभव का इस्तेमाल बैंकों की निगरानी, जोखिम प्रबंधन और वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने में किया जा सकता है.
RBI में हाल में हुईं कई बड़ी नियुक्तियां
बता दें कि RBI में हाल के महीनों में कई नियुक्तियां हुई हैं. पिछले महीने सुमन रे को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया गया था.
इससे पहले वो महाराष्ट्र
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) में सुधाकर मल्ली को 1 अक्टूबर 2026 से नया एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (ED) नियुक्त किया गया है। यह पद बैंक के निगरानी और नियामक कार्यों का प्रमुख हिस्सा है। यह बदलाव RBI के भीतर बड़े फेरबदल का हिस्सा है, जहाँ वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियाँ सौंपी जा रही हैं। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि ED का कार्य बैंकिंग प्रणाली की स्थिरता और नीति कार्यान्वयन पर सीधा प्रभाव डालता है। आम जनता पर इसका असर ब्याज दरों, ऋण नीतियों और वित्तीय स्थिरता में सुधार के रूप में महसूस हो सकता है