राजनीति

RDSS से मजबूत हो रहा MP का बिजली नेटवर्क, 31 नए 33/11 KV सब-स्टेशन में 10 का काम पूरा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
RDSS से मजबूत हो रहा MP का बिजली नेटवर्क, 31 नए 33/11 KV सब-स्टेशन में 10 का काम पूरा

भोपाल: मध्यप्रदेश में उपभोक्ताओं को बेहतर और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए विद्युत अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि RDSS योजना के तहत मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 24 जिलों में नए 33/11 KV उपकेंद्रों के निर्माण, ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि और 33 KV लाइनों के विस्तार का काम तेजी से चल रहा है।

31 नए उपकेंद्रों में 10 का काम पूरा

RDSS के तहत विभिन्न सर्किलों में 31 नए 33/11 KV उपकेंद्र प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें से 10 उपकेंद्रों का काम पूरा हो चुका है। बाकी उपकेंद्रों के निर्माण और संबंधित कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

332.6 किमी 33 KV लाइन का काम पूरा

विद्युत नेटवर्क के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए कुल 722.6 किलोमीटर 33 KV लाइन का प्रावधान किया गया है। इसमें से अब तक 332.6 किलोमीटर लाइन का काम पूरा हो चुका है। नई लाइनों से विभिन्न क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की क्षमता और विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

ट्रांसफॉर्मर क्षमता बढ़ाने पर भी जोर

भविष्य में बढ़ने वाली बिजली की मांग को देखते हुए 33/11 KV उपकेंद्रों में पावर ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई जा रही है।

3.15 MVA क्षमता वृद्धि के 78 कार्यों में से 60 पूरे।

5 MVA क्षमता वृद्धि के 17 में से 16 कार्य पूरे।

3.15 से 5 MVA क्षमता वृद्धि के 80 में से 63 कार्य पूरे।

5 से 8 MVA क्षमता वृद्धि के सभी 4 कार्य पूरे।

8 से 10 MVA क्षमता वृद्धि के सभी 5 कार्य पूरे।

5 से 10 MVA क्षमता वृद्धि के 92 में से 73 कार्य पूरे।

उपभोक्ताओं को क्या फायदा?

RDSS के तहत किए जा रहे इन कार्यों से बिजली नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी और ओवरलोडिंग कम करने, वोल्टेज सुधारने और बढ़ती विद्युत मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे उपभोक्ताओं को अधिक भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है। कंपनी द्वारा उपकेंद्रों, ट्रांसफॉर्मरों और 33 KV लाइनों के कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरे किए जा रहे हैं। शेष कार्यों को भी गति देकर आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत विद्युत वितरण नेटवर्क तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।