Real Estate: मुंबई के बिल्डर पर 6 करोड़ का जुर्माना, 20 साल से नहीं किया था ये काम
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मुंबई के एक बिल्डर को हाउसिंग सोसाइटी के लोगों की परेशानी को लंबे समय तक नजरअंदाज करने का भारी खामियाजा भुगतना पड़ा है. राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) ने एक मामले में बिल्डर को बड़ा झटका देते हुए 6 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है.
यह मामला करीब दो दशक से लंबित अधिभोग प्रमाण पत्र (Occupation Certificate) से जुड़ा हुआ है. दरअसल, बिल्डर पिछले 20 सालों से इमारत का ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट हासिल नहीं कर पाया, जिसके कारण वहां रहने वाले लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा. क्या था पूरा मामला?
दरअसल, यह मामला मुंबई के एक सांता क्रूज स्थित बालाजी अपार्टमेंट्स से जुड़ा है. यहां तिरुपति देवी को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी ने साल 2005 में राजा कंस्ट्रक्शन कंपनी के साथ पुनर्विकास समझौता किया था. इस समझौते के मुताबिक, बिल्डर को पुरानी इमारत तोड़कर नई बिल्डिंग बनानी थी.
इसके साथ ही उसे पुराने सभी सदस्यों को नए फ्लैट भी देने थे. इसके अलावा बिल्डर की जिम्मेदारी थी कि वह भवन ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट और निर्माण पूर्णता प्रमाण पत्र हासिल करे. नया पानी कनेक्शन उपलब्ध कराए और सभी जरूरी सरकारी मंजूरी पूरी करे.
बिल्डर ने साल 2008 से फ्लैटों का कब्जा देना शुरू कर दिया, लेकिन सोसाइटी का आरोप था कि उसने जरूरी दस्तावेज पूरे नहीं किए.
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सोसाइटी ने आरोप लगाया कि बिल्डर ने कई जरूरी काम पूरे नहीं किए, जिसकी वजह से फ्लैट मालिकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी. आरोप है कि बिल्डर ने स्वीकृत भवन नक्शे के मुताबिक निर्माण नहीं किया था और अतिरिक्त निर्माण की वजह से ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट नहीं मिल स
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar