रेलवे ट्रैक के पास संदिग्ध ब्लास्ट
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श्रीगंगानगर जिले में अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे लाइन पर गांव 50 जीबी के पास रेलवे ट्रैक के नीचे संदिग्ध ब्लास्ट की घटना सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। घटना में रेलवे पटरी के नीचे लगे सीमेंट के दो पिलर क्षतिग्रस्त हो गए। दोनों पिलरों के बीच करीब दो फीट गहरा गड्ढा हो गया और अंदर लगा लोहे का सरिया भी बाहर निकल आया।
मंगलवार रात करीब 8 बजकर 45 मिनट पर अनूपगढ़ से सूरतगढ़ जा रही ट्रेन के गुजरने के कुछ देर बाद घटना हुई। सूचना मिलते ही एसपी हरिशंकर सहित पुलिस, आईबी, एटीएस, सीआईडी और रेलवे की टीमें मौके पर पहुंचीं। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अधीक्षक ने फिलहाल ब्लास्ट की पुष्टि को जल्दबाजी बताते हुए जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है।
वहीं, सीमांत क्षेत्र में पूर्व में बरामद साढ़े सात किलो आरडीएक्स से इस घटना का कोई संबंध सामने नहीं आया है। एहतियात के तौर पर रेलवे ने इस रूट की चार पैसेंजर ट्रेनें रद्द कर दी हैं।
श्रीगंगानगर, 4 नवंबर। राजस्थान के सीमावर्ती श्रीगंगानगर जिले में रेलवे ट्रैक के पास संदिग्ध ब्लास्ट की घटना सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे लाइन पर गांव 50 जीबी के पास रेलवे ट्रैक के नीचे लगे सीमेंट के दो पिलर क्षतिग्रस्त हो गए। दोनों पिलरों के बीच करीब दो फीट गहरा गड्ढा हो गया और अंदर लगा लोहे का सरिया भी बाहर निकल आया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, आईबी, एटीएस, सीआईडी और रेलवे की टीमें मौके पर पहुंचीं। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं, एहतियात के तौर पर रेलवे ने इस रूट पर चलने वाली चार पैसेंजर ट्रेनें रद्द कर दी हैं। श्रीगंगानगर जिले में अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे लाइन पर मंगलवार रात हुई इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
गांव 50 जीबी के पास रेलवे ट्रैक के नीचे अचानक संदिग्ध ब्लास्ट होने की सूचना सामने आई। घटना में रेलवे पटरी के नीचे सपोर्ट के लिए लगाए गए सीमेंट के दो पिलर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जब घटनास्थल का जायजा लिया तो वहां नुकसान की स्थिति देखकर मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता था।
दोनों सीमेंट पिलरों के बीच करीब दो फीट गहरा गड्ढा बना हुआ था। पिलरों के अंदर लगा लोहे का सरिया भी बाहर निकल आया था। इससे आशंका जताई जा रही है कि रेलवे ट्रैक के नीचे किसी तरह का विस्फोट हुआ हो सकता है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि पिलरों को नुकसान किसी विस्फोट के कारण हुआ या इसके पीछे कोई अन्य वजह है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मंगलवार रात करीब 8 बजकर 45 मिनट पर अनूपगढ़ से सूरतगढ़ की ओर जा रही ट्रेन इस रेलवे ट्रैक से गुजरी थी। ट्रेन के गुजरने के कुछ देर बाद ही रेलवे ट्रैक के पास संदिग्ध ब्लास्ट की घटना सामने आई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हरिशंकर भी मौके पर पहुंचे। उनके साथ श्रीगंगानगर पुलिस के अधिकारी और जवान मौजूद रहे। वहीं, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी आईबी, एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड यानी एटीएस और सीआईडी की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंचीं। सभी एजेंसियों ने अपने स्तर पर जांच शुरू की।
रेलवे अधिकारियों ने भी ट्रैक और उसके आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से रेलवे परिचालन और सुरक्षा पर कितना असर पड़ा है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल यानी फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम को भी बुलाया गया। एफएसएल टीम ने क्षतिग्रस्त सीमेंट पिलरों, गड्ढे और आसपास के क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया।
जांच के लिए जरूरी साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटनास्थल पर विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल हुआ था या नहीं। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना के पीछे किसी शरारती तत्व की भूमिका तो नहीं है। सीमावर्ती जिला होने के कारण श्रीगंगानगर में सुरक्षा से जुड़े मामलों को विशेष संवेदनशीलता के साथ देखा जाता है।
ऐसे में रेलवे ट्रैक के पास हुई इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल सभी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हैं। इस घटना को लेकर पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने कहा कि फिलहाल इसे ब्लास्ट कहना जल्दबाजी होगी। घटनास्थल पर जो नुकसान हुआ है, उसकी जांच की जा रही है।
एफएसएल टीम की रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही घटना के कारणों का पता चल सकेगा। एसपी ने सीमांत क्षेत्र में पूर्व में बरामद किए गए साढ़े सात किलो आरडीएक्स से भी इस घटना का कोई संबंध सामने आने से इनकार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल दोनों मामलों को जोड़कर देखने का कोई आधार सामने नहीं आया है।
यानी जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह के निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही हैं। उधर, घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे ट्रैक की स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस रूट पर संचालित चार पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।
रेलवे प्रशासन की ओर से ट्रैक के प्रभावित हिस्से का निरीक्षण किया जा रहा है। रेलवे सुरक्षा से जुड़े अधिकारी भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। ट्रैक को हुए नुकसान और रेल परिचालन पर उसके संभावित प्रभाव का आकलन किया जा रहा है। इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि रेलवे ट्रैक के नीचे लगे मजबूत सीमेंट पिलर आखिर किन परिस्थितियों में क्षतिग्रस्त हुए?
क्या यह वास्तव में विस्फोट की घटना है या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है? क्या रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई? इन सभी सवालों के जवाब अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट से ही सामने आ सकेंगे। फिलहाल श्रीगंगानगर के गांव 50 जीबी के पास हुई इस घटना को लेकर पुलिस, रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं।
एफएसएल जांच के निष्कर्षों का इंतजार किया जा रहा है।