रेप के आरोपी भारतीय क्रिकेटर की टीम में वापसी, कुछ दिन पहले ही मिली जमानत
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आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज अभिषेक पोरेल की बंगाल की घरेलू क्रिकेट टीम में वापसी हो चुकी है.
क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल ने अभ्यास मैचों के लिए सीनियर टीम का एलान किया, जिसमें अभिषेक का नाम भी शामिल रहा. कप्तान सुदीप चटर्जी हैं. यह मैच गुवाहाटी के ACA स्टेडियम में खेले जाएंगे.
बता दें कि कुछ दिन पहले पोरेल पर रेप और यौन अपराध से जुड़े आरोप लगे थे.
बंगाल के क्रिकेटर को इन मामलों में गिरफ्तार भी किया गया था.
पोरेल 2026 आईपीएल के बाद क्रिकेट मैदान पर नजर नहीं आए हैं. सीजन में उन्होंने 4 मैच खेले थे.
पुलिस ने अगस्त में किया था गिरफ्तार
कोलकाता पुलिस ने पोरेल को एक मेडिकल छात्रा की शिकायत पर 11 अगस्त को गिरफ्तार किया था. 30 जून को हुगली जिले के मोगरा पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ FIR दर्ज हुई थी.
गिरफ्तारी से पहले पोरेल ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया था. पोरेल ने एक महीने से ज्यादा का वक्त जेल में बिताया. फिर उन्हें 18 सितंबर को जमानत मिली. अब करीब एक हफ्ते के बाद टीम में उनकी एंट्री हो गई है.
अभ्यास मैचों के लिए बंगाल का स्क्वॉड
सुदीप चटर्जी (कप्तान), अभिमन्यु ईश्वरन, अंकुर पॉल, अंकित शुक्ला, सुमंत गुप्ता, सुभम चटर्जी, अभिषेक पोरेल (विकेटकीपर), शाकिर हबीब गांधी (विकेटकीपर), प्रदीप्ता प्रमाणिक, करण लाल, आमिर गनी, सौम्यदीप मंडल, सूरज सिंधु जयसवाल, मोहम्मद कैफ, गीत पुरी और ईशान पोरेल.
अभिषेक पोरेल का करियर
नजर डालें पोरेल के करियर पर, तो अब तक उन्होंने 32 फर्स्ट क्लास, 23 लिस्ट-ए और 61 टी20 मैच खेल लिए हैं.
फर्स्ट क्लास की 50 पारियों में पोरेल ने 31.28 की औसत से 1408 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 1 शतक और 12 अर्धशतक निकले. लिस्ट-ए की 21 पारियों में 833 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और 5 अर्धशतक शामिल रहे.
बाकी टी20 की 59 पारियों में अभिषेक ने 30 की औसत और 151.86 के स्ट्राइक रेट से 1590 रन बनाए, जिसमें 11 फिफ्टी शामिल रहीं. वह 35 आईपीएल मैच
📡 स्रोत: ABP Live Khel
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर एक भारतीय क्रिकेटर, अभिषेक पोरेल, के रेप और यौन अपराध के आरोपों के बाद उनकी टीम में वापसी के बारे में है। पोरेल, जो दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते हैं, बंगाल की घरेलू टीम में अभ्यास मैच के लिए बुलाए गए हैं, जबकि उन्हें अभी-अभी जमानत मिली है। यह घटना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह खेल जगत में कानूनी और नैतिक मुद्दों के बीच संतुलन पर सवाल उठाती है। जनता को यह दिखाता है कि अपराध के आरोपों के बावजूद कुछ खिलाड़ी जल्दी ही मैदान पर लौट सकते हैं, जिससे न्याय और खेल की प्रतिष्ठा पर असर पड़ सकता है।