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रेप केस वापस नहीं लेने पर युवती का गला काटा: मुंह दबाकर रखा, मरते दम तक तड़पाया; बालाघाट में नहर में लाश फेंककर भागा - Balaghat (Madhya Pradesh) News

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 16 अगस्त 2026 👁️ 8 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
रेप केस वापस नहीं लेने पर युवती का गला काटा:  मुंह दबाकर रखा, मरते दम तक तड़पाया; बालाघाट में नहर में लाश फेंककर भागा - Balaghat (Madhya Pradesh) News

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने रेप पीड़िता का गला काट डाला और उसकी हत्या कर दी। यह घटना वारासिवनी के डोंगरगांव में हुई, जहां आरोपी ने युवती को पहले कार में बैठाकर नागपुर ले गया और फिर उसकी हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने 31 जुलाई को युवती को किडनैप किया था और उसके बाद रेप केस में राजीनामा नहीं करने पर विवाद हो गया, जिसके बाद उसने युवती की हत्या कर दी।

इस मामले में पुलिस ने बताया कि आरोपी संतोष ठाकरे ने युवती को 9 मई 2026 को शादी का झांसा देकर रेप किया था, जिसके बाद युवती ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों के बीच पिछले 4 साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था, लेकिन जब युवती ने रेप की शिकायत दर्ज कराई, तो आरोपी फरार हो गया और उसने हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत भी ले ली।

इसके बाद आरोपी ने युवती को लगातार संपर्क करना शुरू किया और उसे केस वापस लेने के लिए दबाव बनाने लगा। उसने युवती को बहलाकर 31 जुलाई को कार में बैठाकर नागपुर ले गया और फिर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने युवती को 2-3 दिन इधर-उधर घुमाया और इस दौरान दोनों के बीच केस वापस लेने को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद उसने युवती की हत्या कर दी।

आरोपी ने युवती की हत्या के बाद उसकी लाश को नहर में फेंक दिया और फिर गोंदिया रेलवे स्टेशन पर कार छोड़कर ट्रेन से नागपुर भाग गया। पुलिस ने घटना के करीब 8 दिन बाद आरोपी को सरंडी गांव के पास सावंगी से गिरफ्तार किया और उसके पास से खून से सने कपड़े, युवती का सामान, बैग, आईडी कार्ड और हत्या में इस्तेमाल किया गया ब्लेड बरामद किया।

इस मामले में पुलिस ने बताया कि आरोपी को उसके गांव सरंडी के पास सावंगी से गिरफ्तार किया गया है और गोंदिया रेलवे स्टेशन से कार बरामद की गई है। पुलिस ने आगे पूछताछ के लिए कोर्ट से आरोपी की रिमांड मांगी है और आरोपी को जेल भेज दिया गया है।

इस घटना के बाद पुलिस ने बताया कि आरोपी ने युवती की हत्या के बाद उसकी लाश को नहर में फेंक दिया था, जिसे पुलिस ने बाद में बरामद किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने युवती को मारकर शव नहर में फेंक दिया था और फिर गोंदिया रेलवे स्टेशन पर कार छोड़कर ट्रेन से नागपुर भाग गया था।

इस मामले में विशेषज्ञों का कहना है कि आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और उसने युवती की हत्या के बाद उसकी लाश को नहर में फेंक दिया, जो एक बहुत ही खतरनाक और दिल दहला देने वाली घटना है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में आरोपी को सख्त से सख्त सजा देनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

इस घटना के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बयान जारी कर कहा कि ऐसी घटनाएं बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण हैं और सरकार ऐसे मामलों में आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कानून बनाए जा रहे हैं।

इस मामले में व्यापक संदर्भ में देखा जाए, तो यह घटना मध्य प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ हिंसा की बढ़ती घटनाओं को दर्शाती है। सरकार को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कानून बनाने और उनका सख्ती से पालन करने की आवश्यकता है। साथ ही, समाज को भी महिलाओं के प्रति अपने दृष्टिकोण में बदलाव लाने की आवश्यकता है, ताकि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों।

निष्कर्ष यह है कि मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में हुई यह घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और आरोपी को सख्त से सख्त सजा देनी चाहिए। सरकार को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कानून बनाने और उनका सख्ती से पालन करने की आवश्यकता है। साथ ही, समाज को भी महिलाओं के प्रति अपने दृष्टिकोण में बदलाव लाने की आवश्यकता है, ताकि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों। स्रोत: Dainik Bhaskar

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह घटना बालाघाट, मध्य प्रदेश में एक युवक द्वारा रेप केस में राजीनामा न करने के बाद पीड़िता का गला काट कर हत्या करने की है। ऐसी क्रूरता से जुड़ी खबर राष्ट्रीय स्तर पर महिला सुरक्षा, किडनैप और बलात्कार के मामलों में न्याय प्रणाली की प्रभावशीलता पर सवाल उठाती है। यह घटना सार्वजनिक चेतना को झकझोरती है, महिलाओं की सुरक्षा के प्रति भय बढ़ाती है और प्रशासनिक कार्रवाई तथा कड़ी सजा की मांग को तीव्र करती है। यदि इस प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए त्वरित कदम नहीं उठाए गए तो समाज में असुरक्षा की भावना गहरी

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

हिंसा का कोई भी बहाना नहीं हो सकता; जब विवाद या गुस्सा हो, तो कानूनी रास्ता अपनाएँ, न्याय के लिए अदालत का सहारा लें। इस दुखद घटना ने हमें याद दिलाया कि प्रत्येक जीवन अनमोल है और पीड़ित के परिवार को हमारी संवेदना चाहिए। समाज को मिलकर महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए, शिक्षा और जागरूकता से भय को हटाकर शांति और सम्मान की संस्कृति बनानी चाहिए।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।