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रेत की नीलामी टली:सख्त शर्तों से कम बोली का डर, पुराने ठेकेदारों को 10 फीसदी बढ़ी हुई राशि पर एक्सटेंशन

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
रेत की नीलामी टली:सख्त शर्तों से कम बोली का डर, पुराने ठेकेदारों को 10 फीसदी बढ़ी हुई राशि पर एक्सटेंशन

नई नीलामी में 10-12% बढ़ोतरी का अनुमान, मौजूदा ठेकों में 30% तक बढ़ चुकी राशि मप्र में रेत की नई नीलामी इस साल नहीं होगी। खनिज विभाग ने 2023-24 में रेत खदानों का ठेका लेने वाले ठेकेदारों को ही एक साल का एक्सटेंशन दे दिया है। यानी पुराने ठेकेदार लगातार चौथे साल रेत निकालेंगे। चौथे साल भी ठेका राशि 10% बढ़ेगी।

नई नीलामी टालने की वजह रेत नीति में जोड़ी गईं दो सख्त शर्तें हैं। विभाग का आकलन है कि इन शर्तों के कारण ठेकेदार नई नीलामी में ऊंची बोली नहीं लगाएंगे। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो सकता है। 2023-24 की रिजर्व प्राइस पर नए सिरे से नीलामी की जाती तो उस समय के मुकाबले 10-12% ज्यादा दर मिलने का अनुमान है।

जबकि मौजूदा ठेकों में हर साल 10% राशि बढ़ाने की शर्त है। इस हिसाब से तीन साल में ठेका राशि 30% तक बढ़ चुकी है। चौथे साल भी 10% राशि बढ़कर मिलेगी। विभाग का आकलन है कि नई नीलामी के बजाय पुराने ठेके जारी रखने से मप्र को करीब 25-30% ज्यादा राजस्व मिलेगा। 2023-24 में 42 जिलों में रेत खदानों की नीलामी हुई थी।

तब ₹250 प्रति घनमीटर रिजर्व प्राइस रखी गई थी और सरकार को ₹1,000 करोड़ से ज्यादा राजस्व मिला था। अब पुरानी खदानों के ठेके वित्तीय वर्ष 2027-28 तक के लिए बढ़ा दिए गए हैं। ये 2 नई शर्तें...

जिनसे कम बोली का डर 1.

एक साल से पहले ठेका छोड़ा तो सुरक्षा राशि जब्त ठेकेदार एग्रीमेंट के एक साल के भीतर ठेका छोड़कर पीछे हटता है तो उसकी सुरक्षा राशि जब्त कर ली जाएगी। 2.

दोबारा कम राशि में ठेका गया तो अंतर भी वसूलेंगे ठेका छोड़ने के बाद दोबारा टेंडर में कम राशि मिलती है तो दोनों ठेका राशियों का अंतर पुराने ठेकेदार से वसूला जाएगा। 11 जिलों में 12 लाख घनमीटर रेत के टेंडर बुलाए खनिज विभाग ने 11 जिलों के 14 समूहों के लिए अलग से टेंडर बुलाए हैं। इनमें करीब 200 खदानें और 12 लाख घनमीटर से ज्यादा रेत है। इसका मूल्य करीब ₹40 करोड़ है। उज्जैन में 3 और रतलाम में 2 समूह हैं। असर : ठेकेदार 10% ज्यादा राशि देंगे, इससे रेत महंगी हो सकती है...

ठेकेदारों को10% बढ़ी राशि देनी होगी। यदि वे यह बढ़ी लागत रेत की कीमत में जोड़ते हैं तो ट्रॉली-डंपर के भाव बढ़ सकते हैं। इसका असर घर बनाने वालों पर पड़ेगा। ठेका राशि 10% बढ़ने का मतलब रेत के बाजार भाव में भी 10% बढ़ोतरी होना नहीं है। नीलामी से राजस्व घटने की आशंका थी 2023-24 में हुए कॉन्ट्रेक्ट को एक साल के लिए बढ़ाया है। इससे विभाग को 10 प्रतिशत बढ़कर राजस्व मिलेगा। नीलामी करते तो राजस्व कम होने की आशंका थी।’ - विवेक पोरवाल, प्रमुख सचिव, खनिज

📡 स्रोत: NewsData.io

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